Image Slider

Last Updated:

Indian Economy : भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर दबाव उतना भी बुरा नहीं रहने वाला है, जितना हाल की एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया है. ईवाई की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि एनर्जी मार्केट में सुधार की वजह से भारत की विकास दर बढ़ सकती है. अभी तक ज्‍यादातर एजेंसियों ने इसमें गिरावट की बात कही है.

झटकों के बावजूद बढ़ सकती है भारत की विकास दर! ग्‍लोबल एजेंसी ने बताया कारणZoom

भारत की विकास दर साल के आखिर तक बढ़ सकती है.

नई दिल्‍ली. आरबीआई, विश्‍व बैंक, फिच, जेपी मॉर्गन और आईएमएफ सहित तमाम ग्‍लोबल एजेंसियों ने अभी तक भारत की विकास दर चालू वित्‍तवर्ष में घटने का ही अनुमान लगाया है. लेकिन, ग्‍लोबल वित्‍तीय सेवा कंपनी ईवाई ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है क‍ि तमाम झटकों के बावजूद भारत की अर्थव्‍यवस्‍था साल के आखिर तक और बढ़ सकती है. ईवाई ने अपनी रिपोर्ट में बताया क‍ि ग्‍लोबल एनर्जी मार्केट में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल होने और घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद के साथ चालू वित्तवर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 से 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है.

‘ईवाई इकनॉमी वॉच’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा गया कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत निचले स्तर पर स्थिर रहती हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य हो जाती है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि की सकारात्मक गति फिर से मजबूत हो सकती है. इससे पहले आई ज्‍यादातर रिपोर्ट में भारत की विकास दर 6.6 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान लगाया गया है.

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की पूरी तस्‍वीर दिखाई
ईवाई ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चालू वित्तवर्ष में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.6 से 6.8 फीसदी, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई 4.5 फीसदी, बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि 12.5 फीसदी, केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 फीसदी और चालू खाते का घाटा जीडीपी का 1.5 फीसदी रहने का अनुमान है. ईवाई ने कहा कि बाहरी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियाद और निजी क्षेत्र की निरंतर सक्रियता के कारण उल्लेखनीय मजबूती दिखा रही है.

महंगाई में भी मिलेगी राहत
आरबीआई ने अपनी हालिया एमपीसी बैठक के बाद खुदरा महंगाई का अनुमान 6 फीसदी तक पहुंचने की बात कही थी, लेकिन ईवाई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि एनर्जी मार्केट में में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बनने से आपूर्ति संबंधी दबाव कम होंगे, लागत की स्थिति बेहतर होगी और वित्तवर्ष 2026-27 में आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा. जिंसों की कीमतों में नरमी और आपूर्ति की स्थिति में सुधार के कारण खुदरा महंगाई भी गिरकर 4.5 फीसदी के स्तर पर नियंत्रित रहने की संभावना है. ईवाई के अनुसार, एनर्जी की लागत में कमी और बाहरी परिस्थितियों में सुधार से चालू खाते का घाटा जीडीपी के 1.5 फीसदी तक सीमित रह सकता है.

मजबूत हो रही भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था
रिपोर्ट में कहा गया कि महत्वपूर्ण आंकड़ें (जीएसटी संग्रह, बिजली खपत, पीएमआई आदि) अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दे रहे हैं. विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, ऋण वृद्धि स्थिर है, औद्योगिक उत्पादन में सुधार हो रहा है तथा वाहन क्षेत्र की मांग भी मजबूत बनी हुई है. ईवाई ने कहा कि मध्यम अवधि में घरेलू खपत, निवेश और सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख आधार बने रहेंगे. देश का मजबूत पेट्रोलियम परिवेश ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को मजबूती देने और बाहरी जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||