-नगर आयुक्त ने प्रेजेंटेशन देखने के बाद किया स्थलीय निरीक्षण, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
-270 से अधिक प्रजातियों के पौधों से महकेगा पार्क, बटरफ्लाई गार्डन, विशाल पॉन्ड और विजिटर सेंटर होंगे प्रमुख आकर्षण
-11 करोड़ की परियोजना को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश, 15 दिनों में शुरू होगा पौधरोपण अभियान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर को हरियाली, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की नई सौगात देने की दिशा में नगर निगम का महत्वाकांक्षी बायोडायवर्सिटी पार्क तेजी से आकार ले रहा है। बस अड्डे के पीछे लगभग 26 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे शहर के पहले बायोडायवर्सिटी पार्क का बुधवार को नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण से पूर्व उन्होंने परियोजना की प्रगति पर अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से विस्तृत प्रेजेंटेशन ली और उसके बाद मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान परियोजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने कहा कि यह परियोजना गाजियाबाद की पहचान बदलने वाली पर्यावरणीय पहल साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रवेश द्वार के सामने मौजूद बिजली के खंभों, तारों तथा अन्य अवरोधों को शीघ्र हटाने और शेष निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस बायोडायवर्सिटी पार्क में 270 से अधिक प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। पार्क में बरगद, पीपल, अर्जुन, सागवान, शीशम, कटहल, जामुन, आम, अनार, शहतूत, चीकू, पपीता, केला, इमली, नींबू, गूलर, कचनार, कदम, पिलखन, नीम सहित अनेक छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा मेहंदी, तुलसी और एलोवेरा जैसी औषधीय प्रजातियां भी पार्क की जैव विविधता को समृद्ध करेंगी। नगर आयुक्त ने बताया कि आगामी 15 दिनों के भीतर व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना का सबसे आकर्षक हिस्सा बनने जा रहे बटरफ्लाई गार्डन में तितलियों को आकर्षित करने वाली विशेष वनस्पतियां लगाई जाएंगी। इसके लिए सूरजमुखी, गेंदा, नरगिस, रजनीगंधा, अमलतास, मोगरा, जैस्मिन, कचनार, गूलर और अन्य पुष्पीय पौधों का चयन किया गया है, जिससे यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता का अनूठा केंद्र बनेगा।
बायोडायवर्सिटी पार्क को केवल हरित क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे नागरिकों के लिए आधुनिक मनोरंजन एवं प्रकृति अध्ययन का केंद्र भी बनाया जाएगा। पार्क में फूड कोर्ट, फ्लावर कोर्ट, विशाल पॉन्ड, विजिटर सेंटर, गेम जोन, पार्किंग, आकर्षक प्रवेश द्वार तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। लगभग 26 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस पार्क का अधिकांश हिस्सा हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, जिससे शहर के पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी तथा निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह परियोजना गाजियाबाद की पर्यावरणीय विरासत बनने जा रही है, इसलिए प्रत्येक कार्य गुणवत्ता, समयबद्धता और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए, ताकि शहरवासियों को शीघ्र ही विश्वस्तरीय बायोडायवर्सिटी पार्क की सौगात मिल सके।
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