-दमकल कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ से जनहानि रोकी गई, करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित बची: राहुल पाल
-मटेरियल रिकवरी केंद्र, लैंडक्राफ्ट सोसायटी और अशोक वाटिका में कुछ ही घंटों के भीतर लगी आग पर युद्धस्तर पर चला राहत अभियान
-“अग्नि सुरक्षा केवल विभाग की नहीं, प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी’, शॉर्ट सर्किट और लापरवाही से बचने की अपील
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बुधवार को गाजियाबाद अग्निशमन विभाग ने कुछ ही घंटों के भीतर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगी तीन बड़ी आग की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संभावित बड़े हादसों को टाल दिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने साहस, सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया का परिचय देते हुए आग को फैलने से रोका और जन-धन की बड़ी क्षति होने से बचा लिया। सभी घटनाओं में समय पर पहुंची अग्निशमन टीमों की तत्परता के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि दोपहर लगभग 12 बजे नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली कि सिकंदरपुर रोड स्थित मटेरियल रिकवरी केंद्र के गोदाम में आग लग गई है। सूचना मिलते ही निकटवर्ती अग्निशमन केंद्रों से दमकल वाहन तत्काल मौके के लिए रवाना किए गए। घटनास्थल पर पहुंचते ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने चारों ओर से आग को घेरकर युद्धस्तर पर बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया।
उन्होंने बताया कि इस घटना में पांच लोग मामूली रूप से झुलस गए थे, जिन्हें दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही स्थानीय पुलिस द्वारा अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू करा दिया गया था। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई और समय पर कार्रवाई से आग को व्यापक रूप लेने से रोक लिया गया। इसी दौरान दोपहर बाद लैंडक्राफ्ट सोसायटी के एक आवास में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही तीन दमकल वाहन तत्काल मौके पर भेजे गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल भी जिला मुख्यालय में बैठक समाप्त कर सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। जांच में पाया गया कि आग एक कमरे में लगे वातानुकूलन यंत्र की भीतरी इकाई में लगी थी, जिससे पूरे मकान में जहरीला धुआं फैल गया था। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना में भी कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।
इसी क्रम में दोपहर लगभग सवा एक बजे अशोक वाटिका स्थित एक फर्नीचर एवं अगरबत्ती पैकिंग की दुकान में आग लगने की सूचना मिली। उस समय सिकंदरपुर की घटना से लौट रही अग्निशमन टीम को तुरंत वहां भेजा गया तथा अतिरिक्त दमकल वाहन भी मौके पर बुलाए गए। दुकान में फर्नीचर, अगरबत्ती पैकिंग सामग्री और बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सैनिटाइजर रखा होने के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका थी, लेकिन दमकल कर्मियों ने पूरी मुस्तैदी के साथ आग को चारों ओर से घेरकर उस पर शीघ्र नियंत्रण पा लिया। इससे आसपास के मकानों तक आग नहीं पहुंच सकी और बड़ा नुकसान टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने कहा कि अग्निशमन विभाग केवल आग बुझाने का कार्य नहीं करता, बल्कि जनजीवन और संपत्ति की सुरक्षा का भी प्रहरी है। उन्होंने कहा कि दमकल कर्मी चौबीसों घंटे किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार रहते हैं और उनकी प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक का जीवन सुरक्षित रखना है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवनों में विद्युत वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं, विद्युत भार से अधिक उपकरणों का उपयोग न करें, अग्निशमन यंत्र हमेशा कार्यशील रखें तथा ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण करें। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती है। यदि कहीं भी आग लगने की घटना सामने आए तो बिना घबराए तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। राहुल पाल ने कहा कि इन तीनों घटनाओं में दमकल कर्मियों ने जिस साहस, समर्पण और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया, वह अग्निशमन विभाग की कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उनकी तत्परता से न केवल लोगों की जान सुरक्षित रही, बल्कि लाखों रुपये की संपत्ति भी आग की भेंट चढऩे से बच गई।
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