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-35 संस्थानों की लापरवाही आई सामने, नोटिस जारी कर सुधार के दिए सख्त निर्देश
-पुलिस, जिला प्रशासन, जीडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
-निरीक्षण के साथ जागरूकता पर भी जोर, छात्रों और संचालकों को सिखाए आपदा से बचाव के उपाय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में लगातार सामने आ रही अग्निकांड की घटनाओं और भीड़भाड़ वाले संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कमिश्नरेट गाजियाबाद में मंगलवार को व्यापक अग्नि सुरक्षा अभियान चलाया गया। पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा, गाजियाबाद ने जिला प्रशासन तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के साथ मिलकर कोचिंग संस्थानों, पुस्तकालयों और अन्य भीड़भाड़ वाले भवनों का सघन निरीक्षण किया। अभियान का नेतृत्व मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल के निर्देशन में किया गया। उनकी निगरानी में अग्निशमन विभाग की टीमों ने पूरे जनपद में सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि जन सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल कमियां ढूंढना नहीं, बल्कि संभावित अग्नि दुर्घटनाओं को समय रहते रोकना और लोगों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान, पुस्तकालय और सार्वजनिक भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन होना आवश्यक है। यदि कोई संस्था इन नियमों की अनदेखी करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएफओ राहुल पाल के निर्देशन में जनपद के सभी प्रभारी अग्निशमन अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान कुल 81 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 35 संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां मिलने पर नोटिस जारी किए गए। निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग संस्थान बंद भी मिले, जिनका विवरण संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराया गया। जिन भवनों में अग्निशमन उपकरण निष्क्रिय पाए गए, आपातकालीन निकास मार्ग अवरुद्ध मिले अथवा विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था, उन्हें निर्धारित समय में सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। अभियान के दौरान अग्निशमन विभाग, जिला प्रशासन और जीडीए की संयुक्त टीमों ने भवनों में स्थापित अग्निशमन यंत्रों, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत वायरिंग, अग्निशमन जल स्रोत और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। जहां गंभीर लापरवाही सामने आई, वहां संबंधित विभागों के सहयोग से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई भी प्रारंभ की गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में कमियां दूर नहीं की गईं तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएफओ राहुल पाल ने कहा कि अग्निशमन विभाग केवल प्रवर्तन एजेंसी के रूप में कार्य नहीं कर रहा, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से निरीक्षण के दौरान भवन संचालकों, प्रबंधकों और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा तथा दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित निकासी, प्राथमिक बचाव और आपदा प्रबंधन के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बहुमंजिला भवनों और भीड़भाड़ वाले संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी संस्थान संचालकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सुरक्षा उपकरणों का नियमित रखरखाव, फायर ऑडिट और मॉक ड्रिल आयोजित करनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके। सीएफओ राहुल पाल ने अपनी पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद के सभी प्रभारी अग्निशमन अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और पेशेवर दक्षता के साथ अभियान को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें लगातार मैदान में रहकर सुरक्षा मानकों का निरीक्षण कर रही हैं और भविष्य में भी यह अभियान और अधिक व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।

उनका स्पष्ट संदेश है कि जहां सुरक्षा मानकों का पालन होगा, वहां विभाग पूरा सहयोग करेगा, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने नागरिकों से भी अपील की कि वे अग्नि सुरक्षा को केवल सरकारी जिम्मेदारी न समझें, बल्कि स्वयं भी इसके प्रति जागरूक रहें। भवनों में निकास मार्ग हमेशा खुले रखें, अग्निशमन उपकरणों को कार्यशील अवस्था में बनाए रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही को तुरंत संबंधित विभाग के संज्ञान में लाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित गाजियाबाद के निर्माण में प्रशासन और नागरिकों की साझी भागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है तथा अग्निशमन विभाग भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ जन सुरक्षा के लिए कार्य करता रहेगा।

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