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Ram Mandir Dan Chori News: राम मंदिर से जुड़े कथित दान राशि मामले में एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट यूपी शासन को सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में दान राशि की गिनती, निगरानी व्यवस्था और कुछ कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं. फिलहाल किसी को क्लीन चिट नहीं मिली है और अब आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.

यूपी शासन को सौंपी गई SIT की रिपोर्ट में क्या-क्या है? सबकी नजरें सीएम योगी परZoom

राम मंदिर.

अयोध्या: उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित दान राशि मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. अब इस मामले में एक बड़ा अपडेट आया है. जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच टीम) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है. यह रिपोर्ट ACS गृह संजय प्रसाद को दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में दान राशि की गिनती और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. जांच टीम ने यह भी देखा है कि दान की रकम की गणना किस तरह की जा रही थी और उस प्रक्रिया की निगरानी कितनी प्रभावी थी.

सूत्रों का कहना है कि फिलहाल इस मामले में किसी भी व्यक्ति को क्लीन चिट नहीं दी गई है. रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है और अब आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा. रिपोर्ट में दान राशि की गिनती करने वाले कर्मचारियों के चयन की प्रक्रिया की भी जांच की गई है. साथ ही यह भी देखा गया है कि इन कर्मचारियों का ट्रस्ट के पदाधिकारियों से कोई संबंध तो नहीं था.

SIT ने मुकदमा दर्ज करने को लेकर की सिफारिश
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश भी की है. इसके अलावा मंदिर की आंतरिक व्यवस्था संभालने वाले कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं. जांच अभी पूरी नहीं हुई है. एसआईटी ने मामले की गहराई से जांच करने के लिए अतिरिक्त समय और कुछ अन्य अधिकारियों की मदद भी मांगी है. अब इस रिपोर्ट पर शासन क्या फैसला लेता है और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

क्या बोले ओपी राजभर?
गाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद अफजाल अंसारी ने राम मंदिर में कथित दान चोरी की जांच पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की जांच करानी है तो उसे चारों शंकराचार्यों की देखरेख में कराया जाना चाहिए. वहीं मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “SIT टीम गठित है. जांच हो रही है. जांच में जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.”

सूप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
दूसरी तरफ उच्चतम न्यायालय में सोमवार को एक याचिका दायर की गयी जिसमें अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष एवं समय-सीमा के भीतर जांच का अनुरोध किया गया है. दो वकीलों की ओर से दायर इस याचिका में अनुरोध किया गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अगुवाई वाले बहु-विषयक विशेष जांच दल (एसआईटी) को ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के कामकाज और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य ‘‘गैर-कानूनी कार्यों’’ की जांच करनी चाहिए.

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Abhijeet ChauhanSub-Editor

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें

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