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Maize Farming Tips : यूपी में मक्के की खेती का रकबा बढ़ता जा रहा है. ज्यादा पैदावार और अच्छी कीमतों किसानों को मक्के की ओर खींच रही है. हालांकि मक्के को कई तरह के रोग घेरे रहते हैं. बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में मक्के के पौधों का मजबूत होना बहुत जरूरी है, अन्यथा फल आने पर वह कमजोर होकर टूट जाएगा. सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से बताते हैं कि इस समय फर्टिलाइजर प्रचुर मात्रा में नहीं मिल पा रहा. ऐसे में किसान दूसरा रास्ता अपना सकते हैं.
सहारनपुर. यूपी का सहारनपुर जनपद मक्के की खेती के लिए भी मशहूर है. यहां मक्के की खेती का रकबा बढ़ता जा रहा है. अच्छा मुनाफा होने के बावजूद मक्के में कई तरह के रोग उसे घेरे रहते हैं. बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में अगर किसान मक्के की खेती कर रहा है, सबसे पहले उसके पौधों का मजबूत होना बहुत जरूरी है, अन्यथा फल आने पर वह कमजोर होकर मुड़कर टूट जाएगा. जब पौधे पर फल आने लगते हैं, तब उसमें कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं. आइये जानते हैं कि फल आने की अवस्था में किन चीजों का छिड़काव पौधे को मजबूत करता है. इसके लिए किसी बाहर के फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं. किसान घर की कुछ चीजों को मिलाकर जादुई घोल बना सकते हैं.
कैसे बनाएं घोल
सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा लोकल 18 से बताते हैं कि मक्के में हमारे किसान काफी पोषक तत्वों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस समय परिस्थितियां ऐसी हैं कि फर्टिलाइजर प्रचुर मात्रा में नहीं मिल पा रहा. ऐसे में किसान दूसरा रास्ता अपना सकते हैं. अगर मक्का के पौधे को मजबूत करना है तो सबसे पहले ड्रम में 200 लीटर पानी लें. उसमें देसी गाय का 10 किलो गोबर डालें. 1 किलो बेसन भी डाल दें. इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर 7 दिन के लिए ठंडे स्थान पर ढक कर छोड़ दें. 7 दिन बाद खेत में छिड़क दें.
डॉ. आईके कुशवाहा के मुताबिक, किसान भाई कुछ माइक्रोन्यूट्रिएंट का भी छिड़काव कर सकते हैं, जैसे NPK 20-20-20, नैनो DAP. अगर प्राथमिक अवस्था में फसल में मक्का नहीं निकल रहे हैं, तो नैनो डीएपी और माइक्रोन्यूट्रिएंट का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन जैसे ही मक्का निकलने की अवस्था में आए तो NPK 20-20-20 का छिड़काव करें. इस तरह के छिड़काव मक्के की फसल के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होते हैं.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
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