-लक्ष्य सिर्फ पौधरोपण नहीं, हर पौधे को वृक्ष बनाना हमारा संकल्प: कुमार सौरभ
-जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में पौधरोपण अभियान को समयबद्ध और प्रभावी बनाने के निर्देश
-हिंडन किनारे होगा व्यापक वृक्षारोपण, सड़कों पर विकसित होंगे एक ही प्रजाति के हरित कॉरिडोर
-एक से सात जुलाई तक वन महोत्सव में छात्र-छात्राओं और आमजन की सक्रिय भागीदारी पर रहेगा विशेष जोर
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद में हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को दुर्गावती सभागार में आयोजित जिला वृक्षारोपण समिति की मासिक बैठक में शासन द्वारा जनपद को आवंटित 8 लाख 89 हजार 300 पौधों के वृक्षारोपण लक्ष्य को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपते हुए भूमि चिन्हांकन, मृदा कार्य तथा पौधरोपण की पूर्व तैयारियां शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी (सामाजिक वानिकी प्रभाग), जिला वृक्षारोपण समिति के नामित एवं पदेन सदस्य तथा विभिन्न कार्यदायी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और दीर्घकालिक संवर्धन को भी समान प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग तथा गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि प्रमुख सड़कों और मार्गों के किनारे एक ही प्रजाति के पौधों का थीमैटिक वृक्षारोपण कराया जाए, जिससे शहर का हरित सौंदर्य बढऩे के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई दिशा मिले। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के वृक्षारोपण से सड़कों की पहचान भी विकसित होगी और रखरखाव में भी सुविधा रहेगी। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला पंचायती राज अधिकारी को निर्देश दिए कि हिंडन नदी के किनारे पूर्व में चिन्हित स्थलों पर अधिकाधिक पौधरोपण कराया जाए। उन्होंने कहा कि नदी तटों पर हरित पट्टी विकसित होने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भूक्षरण की समस्या को भी कम किया जा सकेगा तथा क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन मजबूत होगा। बैठक में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम तथा जिला पंचायती राज विभाग को प्रत्येक न्याय पंचायत में एक-एक बड़े भूखंड का चयन मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण के लिए करने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि मियावाकी तकनीक के माध्यम से कम स्थान पर अधिक घनत्व वाले वन विकसित किए जा सकते हैं, जिससे तेजी से हरित क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलेगी। बैठक में आगामी एक जुलाई से सात जुलाई तक आयोजित होने वाले वन महोत्सव को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके लिए सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण और पौधों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा जनअभियान है। उन्होंने सभी विभागों से निर्धारित लक्ष्य को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा करने का आह्वान किया। बैठक के अंत में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने तथा जनपद को अधिक स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
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