-62 भूखंड नीलामी में रखे गए, 20 भूखंडों पर लगी सबसे ऊंची बोली; व्यावसायिक, आवासीय और होटल प्लॉटों की रही जबरदस्त मांग
-कोयल एन्क्लेव के ग्रुप हाउसिंग, मधुबन-बापूधाम के औद्योगिक और इंदिरापुरम के होटल भूखंडों ने बढ़ाया राजस्व
-नीलामी से मिली 213.33 करोड़ की राशि शहर के विकास, आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं पर होगी खर्च
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में रिक्त पड़े भूखंडों की शनिवार को आयोजित मेगा नीलामी ने प्राधिकरण के राजस्व में बड़ा इजाफा कर दिया। लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में आयोजित पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के दौरान विभिन्न योजनाओं के कुल 20 भूखंडों की बिक्री हुई, जिससे जीडीए को 213.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। खास बात यह रही कि इंदिरापुरम के शक्तिखंड-4 स्थित होटल भूखंड ने सबसे अधिक आकर्षण बटोरा और यह अकेला भूखंड 113.93 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बोली पर बिक गया। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल के निर्देशन में आयोजित इस नीलामी की अध्यक्षता सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने की। इस दौरान अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, ओएसडी कनिका कौशिक, मुख्य अभियंता आलोक रंजन, सहायक अभियंता सुरजीत कुमार सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सुबह 11 बजे शुरू हुई नीलामी में निवेशकों और खरीदारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न श्रेणियों के भूखंडों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगाई।
अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि नीलामी में विभिन्न योजनाओं के 62 आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, होटल, कन्वीनियंट शॉपिंग, दुकान, कियोस्क तथा मिश्रित भूमि उपयोग (मिक्स लैंड यूज) के भूखंड बिक्री के लिए रखे गए थे। इनमें से 20 भूखंडों पर सर्वाधिक बोली लगने के बाद उन्हें सफल बोलीदाताओं को आवंटित किया गया। नीलामी में कोयल एन्क्लेव योजना के दो ग्रुप हाउसिंग भूखंड 29.80 करोड़ रुपये में बिके, जबकि मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के तीन औद्योगिक भूखंडों की बिक्री से 52.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। सबसे बड़ी बोली इंदिरापुरम शक्तिखंड-4 स्थित होटल भूखंड पर लगी, जिसे 113.93 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इसके अलावा न्यायखंड-3 में स्थित एक कन्वीनियंट शॉपिंग भूखंड 43 लाख रुपये में बिका। ज्ञानखंड-3 में पांच दुकान भूखंडों की बिक्री से 7.65 करोड़ रुपये, इंद्रप्रस्थ योजना पॉकेट-एच के चार व्यावसायिक भूखंडों से 5.77 करोड़ रुपये, आंबेडकर रोड डिस्ट्रिक्ट सेंटर के एक व्यावसायिक भूखंड से 2.87 करोड़ रुपये तथा यूपी बॉर्डर पॉकेट-ए के तीन दुकान भूखंडों की बिक्री से 59 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
विभिन्न योजनाओं में 120 वर्गमीटर से लेकर लगभग 7000 वर्गमीटर तक के भूखंड निवेशकों के लिए उपलब्ध कराए गए थे। जीडीए अधिकारियों के अनुसार नीलामी पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप संपन्न कराई गई। प्रत्येक भूखंड के लिए प्रतिस्पर्धी बोली लगाई गई, जिससे प्राधिकरण को अपेक्षा से बेहतर राजस्व प्राप्त हुआ। अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों का बढ़ता विश्वास गाजियाबाद की विकास योजनाओं और बेहतर आधारभूत संरचना का सकारात्मक संकेत है। जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा ने कहा कि नीलामी से प्राप्त 213.33 करोड़ रुपये की धनराशि का उपयोग शहर की नई विकास परियोजनाओं, आधारभूत संरचना के विस्तार, सड़कों, पार्कों, सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था के साथ विकास कार्यों को गति देना और निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न योजनाओं के रिक्त भूखंडों की नीलामी चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक निवेश आकर्षित किया जा सके और शहर के सुनियोजित विकास के लिए आवश्यक संसाधन जुटाए जा सकें। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में शामिल है और जीडीए शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं निवेश के अनुकूल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
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