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-एफआईआर के बावजूद आरोपी खुलेआम दे रहा धमकियां, परिवार दहशत में जीने को मजबूर
-कोर्ट परिसर में बयान बदलवाने का दबाव बनाने और सोशल मीडिया पर अभद्र पोस्ट डालने का आरोप
-तहसील दिवस में अधिकारियों से सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

गाजियाबाद। वेवसिटी थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित छेड़छाड़ के मामले में आरोपी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीडि़त परिवार ने शनिवार को आयोजित तहसील दिवस में अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। पीडि़त पिता ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि नामजद आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बावजूद खुलेआम घूम रहा है, लगातार परिवार को धमका रहा है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी मानसिक उत्पीडऩ कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल कठोर कार्रवाई करते हुए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पीडि़त पिता के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी के साथ पड़ोस में रहने वाले राजवीर उर्फ राजू ने कथित रूप से छेड़छाड़ की थी। घटना के बाद वेवसिटी थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। उनका कहना है कि मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आरोपी के हौसले कम नहीं हुए और वह लगातार परिवार पर समझौते तथा बयान बदलने का दबाव बना रहा है। शिकायत में बताया गया कि गत 29 मई को वह अपनी बेटी को न्यायालय में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए लेकर गए थे।

आरोप है कि न्यायालय परिसर के बाहर आरोपी ने उन्हें रोक लिया और अपने पक्ष में बयान देने का दबाव बनाया। विरोध करने पर आरोपी ने कथित रूप से उन्हें और उनकी बेटी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीडि़त का आरोप है कि आरोपी ने गांव में आने पर जान से मारने की भी चेतावनी दी, जिससे पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। पीडि़त का कहना है कि इस घटना के संबंध में आठ जून को कविनगर थाने में भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपी का मनोबल बढ़ गया है और वह लगातार परिवार को डराने-धमकाने का प्रयास कर रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अभद्र, आपत्तिजनक और धमकी भरे वीडियो एवं पोस्ट साझा कर परिवार पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है।

पीडि़त परिवार का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी प्रभावित हो रही है और परिवार के सदस्य भय के कारण सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं। पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के एक अवर अभियंता द्वारा भी आरोपी के विरुद्ध 11 जून को सिहानी गेट थाने में एक अलग एफआईआर दर्ज कराई गई है। उनका कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले से विभिन्न शिकायतें होने के बावजूद उसके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। तहसील दिवस में पहुंचे पीडि़त पिता ने अधिकारियों से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

साथ ही परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए ताकि वे बिना किसी भय के न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आरोपी पर सख्ती नहीं की गई तो वह भविष्य में किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त कर संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले की रिपोर्ट तलब करने तथा उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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