Image Slider


भारत का सालाना डिफेंस प्रोडक्शन 2025-2026 में ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि यह 2024-2025 के ₹1.54 लाख करोड़ के मुकाबले 15.6% बढ़ा है। वहीं, साल 2020-2021 (₹84,643 करोड़) के मुकाबले इसमें 110% का भारी उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2013-2014 में देश का स्वदेशी रक्षा उत्पादन ₹43,746 करोड़ था, जो अब करीब चार गुना बढ़ चुका है। पीएम मोदी ने भी एक्स (X) पर लिखा कि पिछले 12 सालों में आत्मनिर्भरता, तकनीक, इनोवेशन और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग के दम पर भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आया है। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय ने रक्षा सौदों के साथ भारत के प्रमुख हथियारों की सफलता के बारे में भी बताया। 100 से ज्यादा देशों को 38,424 करोड़ रु. का निर्यात भारत अब 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात करता है, जिनमें अमेरिका, फ्रांस और अर्मेनिया प्रमुख हैं। अमेरिका सबसे बड़ा खरीदार है जहां 2.8 अरब डॉलर के प्रणाली व कल्पुर्जे बोइंग और लॉकहीड मार्टिन जैसी बड़ी कंपनियों को जाते हैं। अर्मेनिया जैसे देश पूरे तैयार हथियार खरीद रहे। सरकार ने 2029-30 तक 50,000 करोड़ रुपए का रक्षा निर्यात लक्ष्य रखा है। 2016-17 में यह मात्र 1,522 करोड़ रुपए था। यानी एक दशक से कम समय में इसमें 25 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद मिले वैश्विक ध्यान ने इस लक्ष्य को और तेज गति देने के संकेत दिए हैं। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… सेना 800km रेंज वाली ब्रह्मोस क्रूज-मिसाइल खरीदेगी:अभी 450km तक निशाना साधने वाली मिसाइल मौजूद, ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुआ था भारतीय सेना 800 किमी से ज्यादा रेंज वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की तैयारी में है। फिलहाल सेना के पास 450 किमी तक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल मौजूद है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रक्षा अधिकारियों ने बताया कि सेना इस नए वर्जन का बड़ा ऑर्डर देने की योजना बना रही है। पूरी खबर पढ़ें…

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||