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-संगम विहार में 2650 वर्गमीटर भूमि कराई कब्जामुक्त, हिस्ट्रीशीटर शराफत खान पर एफआईआर की तैयारी
-नगर निगम के बोर्ड हटाकर की जा रही थी अवैध प्लॉटिंग, गरीबों को जमीन बेचने का आरोप
-भूमाफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा, निगम भूमि की होगी बाउंड्री: सुनीता दयाल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि को कब्जामुक्त कराया। मंगलवार को महापौर सुनीता दयाल स्वयं अधिकारियों के साथ नंदग्राम क्षेत्र के संगम विहार पहुंचीं और नगर निगम की टीम के साथ बुलडोजर चलवाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई कराई। अभियान के दौरान सिहानी गांव की खसरा संख्या 101, 124 और 126 की लगभग 2650 वर्गमीटर भूमि को मुक्त कराया गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार उक्त भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर शराफत खान और उसके सहयोगियों द्वारा कुछ लोगों की मिलीभगत से सरकारी भूमि को निजी संपत्ति बताकर आम नागरिकों को बेचा जा रहा था। इससे न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बढ़ रहा था, बल्कि अनजान और गरीब लोगों को भी गुमराह कर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था। महापौर सुनीता दयाल को जैसे ही भूमि पर दोबारा अवैध गतिविधियों की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद नगर निगम की संपत्ति शाखा, स्थानीय लेखपाल और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराई गई।

जांच में भूमि नगर निगम की होने की पुष्टि होने के बाद बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण और कब्जों को हटाया गया। बताया गया कि नगर निगम ने पूर्व में भी इस भूमि पर अपने स्वामित्व संबंधी बोर्ड लगाए थे, लेकिन भूमाफियाओं द्वारा उन बोर्डों को हटाकर गुपचुप तरीके से प्लॉट बेचने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों ने भी मौके पर मौजूद अधिकारियों को बताया कि उन्होंने पहले नगर निगम के बोर्ड लगे हुए देखे थे और बाद में उन्हें हटा दिया गया था। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। नगर निगम की टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध कब्जों को हटाया और भूमि को निगम के कब्जे में लिया। अधिकारियों ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि सिहानी गांव और आसपास के क्षेत्रों में भूमाफियाओं की गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जा या प्लॉटिंग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर आम नागरिकों को धोखा देने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने बताया कि पूरे मामले में हिस्ट्रीशीटर शराफत खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि इस अवैध कारोबार में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही उसकी चारदीवारी कराई जाए, ताकि भविष्य में दोबारा कोई अतिक्रमण न हो सके। महापौर ने कहा कि नगर निगम की संपत्तियां जनता की धरोहर हैं और उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रहा है। इस कार्रवाई को शहर में भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का बड़ा कदम माना जा रहा है। नगर निगम ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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