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-जन्मदिन की पार्टी के बहाने कैशियर को शराब पिलाकर चुराई चाबी, 25 मिनट में समेट ले गए करोड़ों के आभूषण
-पुलिस ने 3.16 करोड़ के जेवर और 6.50 लाख रुपये नकद किए बरामद, फरार साथी की तलाश जारी
-प्रेमिका को किए गए फोन कॉल से खुली चोरी की परतें, ऋषिकेश तक पहुंची पुलिस की जांच

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र स्थित राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) के तनिष्क शोरूम में हुई करोड़ों रुपये के आभूषणों की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी की पूरी साजिश शोरूम में कार्यरत एक सेल्समैन ने रची थी, जिसने नौकरी ज्वाइन करने के कुछ ही दिनों बाद करोड़ों के जेवरों पर हाथ साफ करने की योजना बना ली थी। कविनगर थाना पुलिस और नगर जोन स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी सेल्समैन, उसके पिता और प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग 3.16 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 6.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी नितिन वर्मा निवासी मोदीनगर ने 5 मई को तनिष्क शोरूम में सेल्समैन की नौकरी ज्वाइन की थी। सर्राफा कारोबार से जुड़े अनुभव का लाभ उठाते हुए उसने एक महीने तक शोरूम की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और आभूषणों के रखरखाव का बारीकी से अध्ययन किया। इसके बाद उसने अपने साथी चितरंजन उर्फ चिंटू के साथ मिलकर चोरी की योजना तैयार की।

पुलिस के अनुसार 11 जून की रात नितिन ने अपने जन्मदिन का बहाना बनाकर शोरूम के कैशियर, सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को पार्टी दी। इस दौरान सभी को शराब पिलाई गई। मौका मिलते ही उसने कैशियर गौतमराज की जेब से शोरूम की चाबी निकाल ली। अगले दिन सुबह नितिन और उसका साथी चितरंजन एक कैब से शोरूम के पास पहुंचे। चितरंजन बाहर निगरानी करता रहा, जबकि नितिन चाबी से शटर खोलकर भीतर घुस गया। करीब 25 मिनट तक पहली मंजिल पर रखे महंगे सोने के आभूषणों को बैग में भरने के बाद दोनों फरार हो गए। चोरी के बाद दोनों आरोपी मोदीनगर पहुंचे और एक सरकारी स्कूल परिसर में नितिन ने अपने पिता संजय वर्मा को बुलाया। यहां चोरी किए गए कुछ आभूषण पिता को सौंप दिए गए और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए कहा गया। इसके बाद आरोपियों ने अपने-अपने हिस्से के गहनों को अलग किया और आगे की योजना बनाते हुए उत्तराखंड के ऋषिकेश में मिलने का निर्णय लिया। पुलिस जांच के दौरान एक अहम सुराग नितिन की प्रेमिका काजल से मिला।

स्वाट टीम को पूछताछ में काजल का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ। नितिन ने फरारी के दौरान एक राहगीर के फोन से काजल को कॉल किया। पुलिस पहले से ही काजल की निगरानी कर रही थी। जैसे ही कॉल आई, पुलिस को नितिन की लोकेशन मिल गई। हालांकि कुछ देर बाद काजल ने अपना मोबाइल बंद कर दिया, लेकिन तब तक पुलिस को आरोपियों के मूवमेंट की जानकारी मिल चुकी थी। जांच में यह भी सामने आया कि नितिन और काजल मेरठ पहुंचे, जहां उन्होंने खर्च चलाने के लिए कुछ आभूषण एक सर्राफ को लगभग 10 लाख रुपये में बेच दिए। इसके बाद दोनों ऋषिकेश चले गए। वहीं चितरंजन भी अपनी प्रेमिका के साथ वहां पहुंचा, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह बाजार जाने के बहाने निकल गया और फरार हो गया। उधर नितिन का पिता संजय वर्मा चोरी के जेवरों से भरा बैग लेकर अपनी रिश्तेदारी में पहुंचा और बैग छिपाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।

उसके कब्जे से भारी मात्रा में चोरी के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक 3.16 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और 6.50 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। चोरी का शेष माल फरार आरोपी चितरंजन और उसकी प्रेमिका के पास होने की आशंका है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह चोरी पूरी तरह योजनाबद्ध थी और आरोपियों ने शोरूम की आंतरिक व्यवस्था की जानकारी का फायदा उठाया। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करते हुए चोरी की शत-प्रतिशत बरामदगी भी कर ली जाएगी।

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