Last Updated:
एक ऐसा टीचर जिसके पास लाखों रुपए तो नहीं हैं, मगर दूसरों के चेहरे पर सच्ची मुस्कान लाने के लिए एक बेहतरीन दिल, थोड़ा सा वक्त और उनका एक कैमरा ही काफी है. उनका नाम है रंजन और ये आज के दिन की सबसे खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली कहानी है.
इस बेहतरीन कहानी को पढ़ेंगे तो फोटो के बारे में खुद ही समझ जाएंगे.
जगमोहन, News18 ओडिशा: हर इंसान खुश रहना चाहता है, मगर खुशी मिलती है छोटी-छोटी चीजों में. अब ओडिशा के एक PE योगा टीचर को ही ले लीजिए, वो अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद सड़कों पर निकलते हैं. वे चुपके से किसी गरीब, मजदूर या राहगीर की उसकी रोजमर्रा की जिंदगी जीते हुए एक बेहतरीन तस्वीर खींचते हैं, उसे अपने पैसों से लैमिनेट यानी फ्रेम कराते हैं और फिर एक अनमोल तोहफे के रूप में वापस उसी व्यक्ति को सौंप देते हैं. इस अनोखी मुहिम को नाम दिया गया है ‘तिकिए खुसी’, यानी ‘एक छोटी सी खुशी’.
सरकारी स्कूल के मास्टर साहब और कैमरे का अनोखा इश्क
इस बेहद भावुक और मानवीय कहानी के नायक हैं रंजन पात्रा. रंजन ओडिशा के ‘ओडिशा आदर्श विद्यालय’ में एक युवा शारीरिक शिक्षा शिक्षक यानी योगा टीचर हैं. स्कूल में बच्चों को खेलकूद, योग और अनुशासन सिखाने वाले रंजन का दिल कला और फोटोग्राफी के लिए धड़कता है.
अक्सर शौकिया फोटोग्राफर बड़ी-बड़ी शादियों, खूबसूरत वादियों या नामी चेहरों को कैमरे में कैद करने के लिए लाखों रुपये लेते हैं. लेकिन रंजन ने अपने कैमरे का लेंस उन लोगों की तरफ मोड़ा जिन्हें मुख्यधारा का समाज अक्सर अनदेखा कर देता है. वे सड़कों पर झाड़ू लगाने वाले, खेतों में पसीना बहाने वाले, या किसी कोने में अपनी गरीबी के साथ जी रहे आम और अनजान लोगों की तस्वीरें खींचते हैं.
साल 2020 से शुरू हुआ सफर और 1000 से ज्यादा चेहरों पर मुस्कान
रंजन पात्रा ने इस खूबसूरत सफर की शुरुआत साल 2020 में की थी. बीते 6 सालों में वे अपनी जेब से पैसे खर्च कर 1,000 से ज्यादा लोगों को उनकी लैमिनेटेड तस्वीरें गिफ्ट कर चुके हैं. इस मुहिम के पीछे रंजन का इरादा बहुत साफ और नेक है.
वे कहते हैं कि बहुत से बुजुर्गों और गरीब ग्रामीणों के पास अपनी पूरी जिंदगी में कोई ऐसी तस्वीर नहीं होती जिसे वे याद के तौर पर सहेज सकें. रंजन जब उन्हें उनके ही काम में रमे हुए, जैसे मुर्गियों को दाना खिलाते हुए या मुस्कुराते हुए कैमरे में कैद करते हैं, तो वह उनकी जिंदगी का पल हमेशा के लिए सहेज लेते हैं. लैमिनेशन के कारण ये कागज का टुकड़ा सालों-साल खराब नहीं होता और उनके घरों की दीवारों की शान बन जाता है.
एक तस्वीर जो मुर्गियों को दाना खिलाते बुजुर्ग के लिए ‘अजूबा’ बन गई
रंजन पात्रा के काम की खूबसूरती को समझने के लिए नीचे वाली तस्वीर देखिए…
ये फोटो तब की है, जब पीटी टीचर ने उस परिवार को फोटो गिफ्ट की थी.
खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव
QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



