मथुरा की अलग-अलग क्षेत्र में अवैध रूप से होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं. होटल और गेस्ट हाउस संचालकों ने ना तो पर्यटन विभाग से रजिस्ट्रेशन कराया और ना ही उनके पास किसी विभाग की NOC मिली. कई गेस्ट हाउस ऐसे थे जो की बेहद सकरी गलियों में बने हुए थे और बिना परमिशन के यह गेस्ट हाउस संचालित हैं. कुछ ऐसे भी गेस्ट हाउस संचालित मिले, जो लोगों ने अपने घरों में बोर्ड लगाकर उन्हें गेस्ट हाउस का रूप दे दिया. अगर कोई आपातकाल स्थिति पैदा होती है, तो ऐसे गेस्ट हाउस में रुकने वाले यात्रियों को जान का खतरा बना रहता है.
मथुरा: मथुरा जिला प्रशासन ने बिना मानको के चल रहे होटलों पर धडाधड़ कार्रवाई की. सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र, फायर ब्रिगेड और पर्यटन विभाग की इस कार्रवाई से होटल संचालक काँप उठे. कई होटलों में मात्र 1 या 2 घंटे के लिए कमरे दिए गए. इसके अलावा कई होटल संचालको के पास ग्राहकों की आईडी तक नहीं मिली. जिसके बाद 6 से 7 होटलो के रजिस्टर जप्त कर लिए गए. वहीं एक होटल मैनेजर तो टीम को आते देख जल्दबाज़ी में अपना रजिस्टर भरने लगा.
सकरी गलियों में बने गेस्ट हाउस होंगे सील
मथुरा की अलग-अलग क्षेत्र में अवैध रूप से होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं. होटल और गेस्ट हाउस संचालकों ने ना तो पर्यटन विभाग से रजिस्ट्रेशन कराया और ना ही उनके पास किसी विभाग की NOC मिली. कई गेस्ट हाउस ऐसे थे जो की बेहद सकरी गलियों में बने हुए थे और बिना परमिशन के यह गेस्ट हाउस संचालित हैं. कुछ ऐसे भी गेस्ट हाउस संचालित मिले, जो लोगों ने अपने घरों में बोर्ड लगाकर उन्हें गेस्ट हाउस का रूप दे दिया. अगर कोई आपातकाल स्थिति पैदा होती है, तो ऐसे गेस्ट हाउस में रुकने वाले यात्रियों को जान का खतरा बना रहता है.
सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र फोर्स के साथ धौली प्याऊ पहुंचते है यहां पहुंचते हैं, प्रशासन की आंखें खुली रह जाती है. मौके पर देखा गया कि धौली प्याऊ पर मकान कम और होटल व गेस्ट हाउस अधिक है. कई गेस्ट हाउस तो ऐसे मिले जिसमें परिवार भी रह रहा है और होटल भी खुला हुआ है. इतना ही नहीं इस क्षेत्र की हर गली में होम स्टे और गेस्ट हाउस मिले जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी तक छोड़िये उसकी मोटरसाइकिल तक नहीं जा सकती. ये देखकर खुद प्रशासन ने अपना माथा पकड़ लिया और अब सिटी मजिस्ट्रेट जिम्मेदार अधिकारियों के साथ साथ वह होटल संचालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं.
होटल और गेस्ट हाउस के कमरों में मिली अवैध गतिविधि
15 ऐसे गेस्ट हाउस मिले जिनके पास पहले से फायर ब्रिगेड, पॉल्यूशन विभाग के नोटिस है, लेकिन उसके बाद भी वह धड़ल्ले से संचालित है. आज की कार्रवाई के बाद होटल संचालको की नींद उड़ गई है. क्योंकि लापरवाही के साथ साथ इन होटलों से अवैध गतिविधियों की भनक प्रशासन को लगी है. सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने धौली प्याऊ और मालगोदाम रोड पर संचालित लगभग 30 से 35 होटलों के स्वामियों को नोटिस थमाए है, तो वहीं 10 होटलों को सील करने के निर्देश भी दिए है. सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने 4 घंटे चली कड़ी कार्रवाई के बाद कहा कि दिनों क्षेत्रों के 30 से 35 होटल मानकों के अनुरूप नहीं मिले. सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ये अभियान सुरक्षा के मद्देनजर लगातार चलता रहेगा.
नोटिस में 15 दिन का समय, कमी पूरी न होने पर कार्यवाई तेज
वहीं लोकल 18 से बात करते हुए CFO अरुण कुमार सिंह ने कहा कि अधिकतर होटलों में फायर NOC नहीं मिली. न सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम व संसाधन मिले. अब इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है. वहीं धड़ाधड़ छापों के बाद होटल संचालको के होश उड़े हुए हैं. क्योंकि कई होटलों में अवैध गतिविधियों की बू प्रशासन को आई है. जिन लोगों को नोटिस दिये गए हैं, 15 दिन का समय कमियों को पूरा करने के लिए दिया गया है. अगर कमी पूरी नहीं की जाती हैं तो सील की कार्यवाई अमल में लाई जाएगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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