ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर बुनियादी सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी सामने आई है. तुस्याना गांव के पास एक कार सड़क किनारे बने खुले नाले में जा गिरी. हादसा उस समय हुआ जब चालक वाहन लेकर गुजर रहा था और अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद कार नाले में उतर गई. सौभाग्य से कार चालक को गंभीर चोट नहीं आई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
खुले नालेे में गिरी कार, एआई फोटो
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में कई स्थानों पर खुले नाले और सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे लंबे समय से खतरा बने हुए हैं. लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. नालों के आसपास सुरक्षा रेलिंग, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यदि कार की गति अधिक होती या मौके पर लोग मौजूद नहीं होते तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था. घटना के बाद कुछ समय के लिए वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा इंतजामों की मांग को लेकर नाराजगी जाहिर की. यह घटना लोगों को हाल ही में चर्चा में रहे युवराज मेहता मामले की भी याद दिला रही है. उस हादसे के बाद ग्रेटर नोएडा में सड़क सुरक्षा, जलभराव और खुले गड्ढों को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे. अधिकारियों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का भरोसा भी दिया था. हालांकि तुस्याना में हुई ताजा घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बारिश में खुले नाले बन सकते हैं दुर्घटना के कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटनाएं होने के बाद जांच और कार्रवाई की बातें तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा उपायों का अभाव बना रहता है. खुले नाले और असुरक्षित सड़कें आज भी वाहन चालकों के लिए खतरा बनी हुई हैं. खासकर बारिश के मौसम में ऐसे स्थान और अधिक जोखिम भरे हो जाते हैं, क्योंकि पानी भरने से नाले और गड्ढे दिखाई नहीं देते. तुस्याना की घटना में भले ही किसी की जान नहीं गई, लेकिन इसने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. अब देखना होगा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस घटना से सबक लेकर खुले नालों को सुरक्षित करने और सड़क किनारे आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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