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सुल्तानपुर के सीताकुण्ड धाम पर आदि गंगा गोमती नदी में सैकड़ों मरी हुई मछलियां तैरती मिलीं हैं. इस घटना से घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है. आशंका जताई जा रही है कि यह किसी घातक केमिकल रिसाव या अत्यधिक जल प्रदूषण के कारण हुआ है.तट पर आए स्थानीय सचिन कुमार ने लोकल 18 से बताया कि यह दुर्भाग्य है कि स

इस समय गर्मी का प्रकोप कितना बढ़ गया है कि इसका असर न सिर्फ स्थलीय जीव बल्कि जलीय जीव भी इसका शिकार हो रहे हैं लेकिन कुछ गुत्थियां अनसूनी सी लगती हैं. एक ऐसा ही मामला सुल्तानपुर में आया है, जहां पर गोमती नदी में हजारों मछलियां मर रही हैं.इसके पीछे की क्या वजह है इसको जानने में प्रशासन के हाथ पांव खड़े हो गए हैं. ऐसे में आज हम जानेंगे कि पिछले दो वर्षों से आखिर इस मौसम में गोमती नदी में मछलियां क्यों मर रही हैं और यह भी जानेंगे कि इस पर प्रशासन अभी तक क्यों चुप्पी साधे हुए हैं.

लोगों में फैला आक्रोश 

सुल्तानपुर के सीताकुण्ड धाम पर आदि गंगा गोमती नदी में सैकड़ों मरी हुई मछलियां तैरती मिलीं हैं. इस घटना से घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है. आशंका जताई जा रही है कि यह किसी घातक केमिकल रिसाव या अत्यधिक जल प्रदूषण के कारण हुआ है.

तट पर आए स्थानीय सचिन कुमार ने लोकल 18 से बताया कि यह दुर्भाग्य है कि सुल्तानपुर में गोमती नदी में इस तरह की दुर्घटना हुई है. उन्होंने स्थानीय प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और मत्स्य विभाग से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की है. उन्होंने नदी के पानी का सैंपल लेकर लैब टेस्टिंग कराने की बात कही, ताकि मछलियों की मौत की सही वजह (केमिकल या ऑक्सीजन की कमी) स्पष्ट हो सके.

प्रदूषण हो सकती है मुख्य वजह 

गोमती नदी में यह दूसरा मौका है कि जब सैकड़ो की संख्या में मछलियां मृत्यु पाई गई है इसके पहले भी साल 2025 में हजारों की संख्या में मृत मछलियों से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था शहर के रहने वाले अभिषेक कुमार ने लोकल 18 को बताया कि इसके पीछे प्रशासन की लापरवाही और गोमती नदी में लगातार फैक्ट्री के प्रदूषण साफ सफाई का अभाव और विषैला पदार्थ के रिसाव की वजह से जलीय जीवों के साथ इस तरह की घटनाएं हो रही हैं वहीं सत्यम कुमार चौरसिया ने कहा कि यह घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रशासन और सरकार को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और अमृत मछलियों की टेस्टिंग कर कर और पानी को लाइफ में भेज कर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए.

की जाएगी कार्रवाई 

मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमाकांत पांडेय ने कहा कि मृत मछलियों की सूचना पर टेक्निकल टीम को भेज दिया गया और इस तरह की दोबारा कोई दुर्घटना ना हो इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. भविष्य में भी जहरीले पदार्थ और प्रदूषण से गोमती नदी को मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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