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निर्माण सामग्री, स्टील, कंक्रीट और अन्य इंजीनियरिंग सामग्रियों की गुणवत्ता और मजबूती की सटीक जांच के लिए आईआईटी दिल्ली एक हजार केएन (किलोन्यूटन) क्षमता वाली यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन (यूटीएम) स्थापित करेगा। इससे विकास परियोजना से जुड़े जैसे पुल, सड़क और इमारतों के निर्माण में इस्तेमाल होने होने वाली सामग्री के नमूनों की गुणवत्ता की जांच और शोध कार्यों को रफ्तार मिलेगी। मशीन की खरीद के लिए आईआईटी दिल्ली ने निविदा जारी कर दी है। इस जांच से निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहतर होगी।

यूटीएम सटीक जांच के लिए उपयोग में लाई जाएगी। इसमें कंप्यूटर नियंत्रित आधुनिक परीक्षण प्रणाली उपलब्ध रहेगी जिसके जरिये पता चलेगा कि कोई सामग्री कितने भार तक सुरक्षित, किस बिंदु पर टूटती या खराब होती है। इससे निर्माण संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यूटीएम को सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल और अनुसंधान संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण माना जाता है। आईआईटी दिल्ली ने निविदा की शर्तों में यह स्पष्ट किया है कि मशीन आपूर्तिकर्ता के पास समान क्षमता वाली मशीनों की स्थापना का अनुभव होना चाहिए।

गुणवत्ता को लेकर डिजिटल डेटा होगा तैयार

मशीन में डेटा एक्विजिशन सिस्टम की सुविधा है। यानी तापमान, दबाव, ध्वनि को मापने और उन्हें कंप्यूटर के जरिये योग्य डिजिटल डेटा में बदलने मदद मिलेगी। इससे इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को विश्लेषण और निगरानी का कार्य आसान होगा।आईआईटी में मशीन स्थापित करने वाली एजेंसी को कंप्यूटर कंट्रोल, सॉफ्टवेयर, स्ट्रेन गेज, एक्सटेंसोमीटर और अन्य आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराने होंगे। इस मशीन से लगभग 100 टन तक के बल, दबाव और खिंचाव के प्रभाव का सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा।

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