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होमताजा खबरदेशजिमखाना क्लब को हाईकोर्ट से मिली संजीवनी? जज ने केंद्र से पूछे तीखे सवाल

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Delhi Gymkhana Club Latest News: दिल्ली हाईकोर्ट ने लुटियंस जोन के दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार द्वारा कब्जे में लेने की योजना पर कड़ी चिंता जताई है. भारतीय पोलो संघ की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने केंद्र से तीखा सवाल पूछा कि क्या सरकार यहां ऊंची इमारतें बनाना चाहती है? कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पहले ही ग्रीन बेल्‍ट बेहद कम हैं, ऐसे में खुली जगहें खत्म होना दिल्लीवालों के लिए गंभीर होगा. अगली सुनवाई 10 जून को होगी.

जिमखाना क्लब को हाईकोर्ट से मिली संजीवनी? जज ने केंद्र से पूछे तीखे सवालZoom

हाईकोर्ट ने सख्‍त रुख अख्तियार किया.

नई दिल्ली: क्या लुटियंस दिल्ली की बची-खुची हरियाली और खुली हवा भी अब वीआईपी इमारतों की भेंट चढ़ने वाली है? क्या राजधानी के दिल कहे जाने वाले एनडीएमसी क्षेत्र को भी कंक्रीट के जंगल में तब्दील करने की कोई बड़ी कहानी पर्दे के पीछे लिखी जा रही हैं? इसे लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई हैं. लुटियंस ज़ोन की सबसे रसूखदार और ऐतिहासिक संपत्तियों में शुमार दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार द्वारा अपने कब्जे में लेने की आक्रामक योजना पर देश की अदालत ने न सिर्फ गहरी चिंता जताई है बल्कि इस कदम को दिल्ली के पर्यावरण के लिए एक बड़े खतरे के रूप में देखा है.

भारतीय पोलो संघ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की कोर्ट में माहौल उस वक्त बेहद नाटकीय और गंभीर हो गया जब अदालत ने सरकार की इस मंशा की परतों को उधेड़ना शुरू किया. कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों ने साफ कर दिया कि दिल्ली के पर्यावरण और खुली जगहों से खिलवाड़ को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दिल्ली हाईकोर्ट के इस मौखिक टिप्‍पणी को दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड के वजूद के लिए एक बड़ी संजीवनी माना जा रहा है, जिसने फिलहाल सरकारी बुलडोजर या कब्ज़े की योजना के आगे एक मजबूत कानूनी दीवार खड़ी कर दी है. कोर्ट अब इस बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले पर आगामी 10 जून को अगली बड़ी सुनवाई करने जा रहा है.

जिमखाना क्लब, पोलो ग्राउंड मामले की 5 मुख्य बातें

• हाईकोर्ट की गहरी चिंता: दिल्ली हाईकोर्ट ने लुटियंस ज़ोन की प्राइम संपत्तियों, विशेषकर दिल्ली जिमखाना क्लब और पोलो ग्राउंड को केंद्र सरकार द्वारा अपने नियंत्रण में लेने की योजना पर कड़ी आपत्ति और चिंता जताई है.

• जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की तल्ख टिप्पणी: याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय जज ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली में हरित क्षेत्र पहले ही बेहद कम बचे हैं, ऐसे में बची-खुची खुली जगहों को खत्म करना आत्मघाती होगा.

• राजधानी पर मंडराता गंभीर संकट: अदालत ने चेताया कि यदि एनडीएमसी क्षेत्र की इन आखिरी खुली और हरी-भरी जगहों को भी छीन लिया गया तो दिल्लीवालों के लिए सांस लेना और स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी.

• केंद्र सरकार से कड़ा सवाल: हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए बेहद तीखा सवाल पूछा कि क्या सरकार इस बेहद सुरक्षित और ऐतिहासिक ग्रीन बेल्ट वाले इलाके में ऊंची इमारतें बनाने की योजना बना रही है?

• 10 जून को अगली बड़ी सुनवाई: भारतीय पोलो संघ की इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब अगली सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन केंद्र को जवाब देना पड़ सकता है.

सवाल-जवाब
प्रश्न 1: दिल्ली हाईकोर्ट ने लुटियंस ज़ोन की किन प्रमुख संपत्तियों को लेकर चिंता जताई है?
उत्तर: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली जिमखाना क्लब और ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड सहित लुटियंस ज़ोन की कुछ प्रमुख खुली और हरित संपत्तियों को केंद्र सरकार द्वारा अपने कब्जे में लेने की योजना पर गंभीर चिंता जताई है.
प्रश्न 2: इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई किस जज की अदालत में हो रही है?
उत्तर: इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की माननीय जज जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ द्वारा की जा रही है.
प्रश्न 3: कोर्ट में केंद्र सरकार की योजना के खिलाफ याचिका किसने दायर की है?
उत्तर: केंद्र सरकार द्वारा इन संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की योजना के खिलाफ यह याचिका भारतीय पोलो संघ (Indian Polo Association) द्वारा दायर की गई है.
प्रश्न 4: जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने दिल्ली के पर्यावरण को लेकर क्या टिप्पणी की?
उत्तर: जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि दिल्ली में हरित क्षेत्र पहले ही बहुत कम बचे हैं. अगर एनडीएमसी क्षेत्र की बची-खुची खुली एवं हरित जगहें भी खत्म हो गईं, तो राजधानी के लोगों के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी.
प्रश्न 5: अदालत ने केंद्र सरकार की मंशा पर क्या तीखा सवाल खड़ा किया है?
उत्तर: अदालत ने सीधे केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि क्या वह इस लुटियंस इलाके में बची खुली जगहों पर ऊंची इमारतें (Multi-story buildings) बनाने की कोई योजना तैयार कर रही है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

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