कंगना रनौत की आने वाली फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 26/11 के एक अनसुने हीरो की कहानी को बड़े पर्दे पर ला रही है. यह फिल्म मुंबई के कामा और अल्बलेस अस्पताल की नर्स अंजली कुलथे से इंस्पायर है, जिनके साहसिक कदमों ने 2008 के आतंकी हमलों के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी.
कंगना रनौत की मच अवेटेड फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह फिल्म 26 नवंबर 2008 की रात को आतंकवादी हमले पर बेस्ड है. इस दिन मुंबई में कई जगहों पर आतंकवादियों ने हमला किया था, जिसमें सीएसटी रेलवे स्टेशन और ताज महल पैलेस होटल भी शामिल थे. इसी दौरान हमलावर कामा अस्पताल के पास भी पहुंचे, जहां अंजली कुलथे ड्यूटी पर थीं. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंजलि कुलथे ने अस्पताल में करीब 20 प्रेग्नेंट महिलाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने घबराने के बजाय मरीजों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया और सुनिश्चित किया कि वे खतरे से दूर रहें. बहुत से लोग यह नहीं जानते कि 26/11 के दौरान अंजलि की भूमिका सिर्फ मरीजों की सुरक्षा तक सीमित नहीं थी. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
रिपोर्ट्स के अनुसार, बाद में अंजलि कुलथे हमलों की जांच में एक महत्वपूर्ण गवाह भी बनीं. उनकी गवाही से अधिकारियों को कामा अस्पताल में उस रात क्या हुआ था, यह समझने में मदद मिली. कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि जब आतंकवादी अस्पताल पहुंचे, तो अंजलि ने तुरंत कार्रवाई की. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
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अंजलि कुलथे ने करीब 20 गर्भवती महिलाओं और उनके रिश्तेदारों को एक छोटे कमरे में ले जाकर लाइट बंद कर दी और उन्हें कई घंटों तक छुपाए रखा, जब बाहर हमला चल रहा था. कामा अस्पताल आतंकवादियों के मुख्य निशाने पर नहीं था, जैसे ताज होटल, ओबेरॉय होटल या सीएसटी रेलवे स्टेशन. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
अजमल कसाब और अबू इस्माइल ने सीएसटी पर गोलीबारी के बाद अस्पताल के इलाके में एंट्री की. रेलवे स्टेशन पर फायरिंग के बाद दोनों आतंकवादी दक्षिण मुंबई में घूमते हुए हमला जारी रखने और सुरक्षा बलों से बचने की कोशिश कर रहे थे. कामा अस्पताल सीएसटी के पास होने के कारण वे वहां पहुंचे. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
करीब 18 साल बाद, अंजली कुलथे की कहानी ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए सामने आ रही है, जिसमें कंगना रनौत एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं. फिल्म में हमलों के दौरान कामा अस्पताल की घटनाओं को दिखाया गया है और उन नर्सों, वार्ड बॉय और अस्पताल स्टाफ को सम्मान दिया गया है, जिन्होंने मरीजों की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर में 26/11 के उन हीरो को श्रद्धांजलि के रूप में पेश किया गया है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. जहां उस रात की सार्वजनिक यादें ताज, सीएसटी और अन्य प्रमुख जगहों पर हुए हमलों पर केंद्रित रहती हैं, वहीं फिल्म अस्पताल के अंदर हुई घटनाओं और उन लोगों की कहानी दिखाती है, जिन्होंने संकट के समय आगे बढ़कर लोगों की जान बचाई. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
इस फिल्म की कहानी आम लोगों के असाधारण कामों के बारे में है. अंजली कुलथे का नाम भले ही हर घर में न जाना जाता हो, लेकिन भारत की सबसे काली रातों में उनके साहसिक कदम आज भी याद किए जाते हैं. ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए उनकी कहानी अब और ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
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