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नई दिल्ली: लता मंगेशकर का एक बहुत मशहूर गाना है, जिसे लोग प्रेमी-प्रेमिका की जुदाई से उपजे दर्द से जोड़कर देखते हैं. गाने के बोल पंडित भरत व्यास ने लिखे थे, मगर जब वह यह गीत लिख रहे थे, तब उनके दिलो-दिमाग पर बेटे से बिछड़ने का गम तारी था. गीतकार ने गाने में बेटे से बिछड़ने की वेदना को बयां किया है. हम 1959 की फिल्म ‘रानी रूपमति’ के गाने ‘आ लौट के आजा मेरे मीत’ की बात कर रहे हैं. गीतकार ने यह गीत तब लिखा था, जब उनका बेटा रूठकर कहीं चला गया था. उन्होंने बेटे से बिछड़ने की वेदना को गाने में उड़ेल दिया था. दरअसल, उनके बेटे सुंदर दास को छोटी-छोटी बातें चुभ जाती थीं. वह पिता की किसी बात से नाराज होकर चले गए थे. हालांकि, काफी खोज के बाद भी उनकी कोई खबर नहीं मिली.

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