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टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर रिताब्रता बनर्जी हमलवार नजर आए. उन्होंने आरोप लगाया कि TMC विधायकों से 6 मई की बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक पत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा गया था, और दावा किया कि उपस्थिति रिकॉर्ड में उन कई सांसदों के नाम भी शामिल किए गए थे जो वहां मौजूद नहीं थे.

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हार के बाद भी अभिषेक को स्टैंडिंग ओवेशन, रिताब्रता ने किया TMC में विस्फोटZoom

रिताब्रता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा. (फाइल फोटो)

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले गए विधायक रिताब्रता बनर्जी ने कहा कि हालिया चुनाव में पार्टी की हार के बाद, एक मीटिंग में अभिषेक बनर्जी को ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ (खड़े होकर सम्मान देने) का प्रस्ताव पास किया गया था. शनिवार को TMC से निकाले गए MLA रिताब्रता बनर्जी ने पार्टी के अंदर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और नेता बागी गुट में शामिल हो सकते है. साथ ही, उन्होंने हालिया असंतोष की लहर के लिए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया.

CNN-News18 के साथ एक खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “अभी हमारे साथ 61 MLA हैं, इसलिए 18 जून को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले (बागी नेताओं की) संख्या में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी.” उनके ये बयान तब आए जब पार्टी के 80 में से लगभग 60 MLA ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर रिताब्रता का समर्थन किया. यह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए सबसे बड़ी अंदरूनी चुनौतियों में से एक है.

अभिषेक बनर्जी के लिए स्टैंडिंग ओवेशन
रिताब्रता ने ममता बनर्जी की आलोचना करने से परहेज किया, लेकिन TMC के अंदरूनी विद्रोह के मुख्य कारण के तौर पर अभिषेक को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि हालिया चुनाव में पार्टी की हार के बाद, 6 मई को ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई एक मीटिंग में अभिषेक को ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ देने का प्रस्ताव पास किया गया था.

उन्होंने कहा, “यह भी कहा गया कि TMC चुनाव नहीं हारी. सभी से अभिषेक बनर्जी को ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ देने के लिए कहा गया. हो सकता है कि हमने पूछा हो कि आप (अभिषेक) कहां थे, लेकिन मुझमें उसका विरोध करने की हिम्मत या क्षमता नहीं थी, इसलिए मैं भी खड़ा हुआ, लेकिन वह पूरी तरह से ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ नहीं था.” उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने पार्टी के विधायकों की मंज़ूरी के बिना पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता को मान्यता दिलाने के लिए पत्र भेजा और विधानसभा अध्यक्ष को जाली दस्तावेज़ सौंपे.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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