-एक पौधा केवल पेड़ नहीं, आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य की नींव है: हिम्मत सिंह
-विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह के नेतृत्व में हुआ पौधरोपण
-अधिकारियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल का लिया संकल्प
उदय भूमि संवाददाता
रामपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला आबकारी विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश देते हुए जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने किया। इस दौरान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधे रोपित कर न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लिया। पौधरोपण कार्यक्रम में आबकारी निरीक्षक नंदिनी यादव, अरविंद कुमार मिश्रा, प्रफुल्ल सिंह, संजय कुमार, रामाधार पाल एवं अनुपम सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उन्हें विकसित कर वृक्ष का स्वरूप देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला आबकारी अधिकारी हिम्मत सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और लगातार घटते हरित क्षेत्र के कारण प्रकृति का संतुलन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना आवश्यक है। जब तक लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल नहीं होगी, तब तक पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य की वास्तविक पूर्ति संभव नहीं है। इसलिए विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों को संरक्षित करने तथा उनके विकास की जिम्मेदारी भी अपने स्तर पर लेने का संकल्प लिया है। हिम्मत सिंह ने कहा कि एक पौधा केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं होता, बल्कि वह आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ वायु, शुद्ध वातावरण और सुरक्षित भविष्य की नींव भी तैयार करता है। वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, जिससे पर्यावरण स्वच्छ और स्वस्थ बना रहता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए। यदि समाज का हर व्यक्ति इस दिशा में एक छोटा कदम उठाए तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के बीच हरित क्षेत्र का विस्तार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की। वक्ताओं ने जल संरक्षण, जैव विविधता के संरक्षण और प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने जैसे विषयों पर भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों का कहना था कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। पौधरोपण कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य केवल एक दिन पर्यावरण की चर्चा करना नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराना है। इसी भावना के साथ विभाग ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया है। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह पहल न केवल हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम रही, बल्कि समाज को यह संदेश भी देने में सफल रही कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाए, तो आने वाली पीढिय़ों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान किया जा सकता है।
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