पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया है कि आग लगने की घटना में कुक की कथित लापरवाही की भूमिका हो सकती है. आरोप है कि किचन में आग की लपटें उठती देख वहां दूसरों की मदद किए बिना ही वहां से भाग खड़ा हुआ था. इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. हालांकि जांच अभी शुरुआती चरण में है और पुलिस सभी तकनीकी तथा फॉरेंसिक पहलुओं की पड़ताल कर रही है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आग लगने की परिस्थितियों की जांच के दौरान किचन संचालन और सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही के संकेत मिले हैं. इसी आधार पर कुक केशव नेगी को भी आरोपी बनाया गया है. मामले में कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उनकी भूमिका की भी जांच जारी है.
होटल मालिक भी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाने के बाद होटल मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को गिरफ्तार किया था. राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में छापेमारी के बाद उसे पकड़ा गया. गुरुवार को ही उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.
पहले भी विवादों में रह चुका है आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लवकेश बजाज का नाम पहले भी एक गंभीर आपराधिक मामले में सामने आ चुका है. जनवरी 2025 में दिल्ली पुलिस ने उसे कथित फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार कराने के मामले में गिरफ्तार किया था.
आरोप था कि वह बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. उस मामले में वह करीब 15 दिन तिहाड़ जेल में रहा था और बाद में जमानत पर बाहर आया. वह मामला अभी भी अदालत में लंबित है.
अकाउंटेंट और मैनेजर की तलाश जारी
इस अग्निकांड की जांच में होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश भी पुलिस के रडार पर हैं. जय मिश्रा छतरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है और हादसे के बाद से फरार है. उसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
वहीं मैनेजर राकेश और होटल के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय होटल में सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे.
21 लोगों की गई जान, 26 का इलाज जारी
बुधवार सुबह हुए इस भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई थी. अधिकारियों के मुताबिक इमारत से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था. इनमें से 26 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है.
दिल्ली स्थित एम्स समेत कई अस्पतालों में घायलों का उपचार किया जा रहा है. घायलों में वे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्होंने सबसे पहले जलती हुई इमारत में प्रवेश कर लोगों को बचाने की कोशिश की थी.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग आखिर कैसे लगी, क्या होटल में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था, और क्या प्रशासनिक लापरवाही ने इस हादसे को और भयावह बना दिया. पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे इस पूरे मामले की परतें खुल सकेंगी.
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