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दैनिक भास्कर डिजिटल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख ने तीसरी बार बड़ा एक्शन लिया है। हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और ड्राइवर अमित विश्वकर्मा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। इससे पहले शुक्रवार सुबह भोपाल, सागर और रीवा संभाग के 3 एस

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भोपाल संभाग से हटाकर SP दुर्गेश कुमार राठौर को सागर भेजा गया। सागर से हटाकर SP योगेश्वर शर्मा को रीवा भेजा गया। वहीं, रीवा में पदस्थ सुनील पाटीदार को भोपाल संभाग की जिम्मेदारी दी गई।

बता दें, दो डीएसपी, दो हेड कॉन्स्टेबल, एक कॉन्स्टेबल और ड्राइवर पर पहले ही एक्शन हो चुका है। ये सभी भ्रष्टाचार के केस कमजोर करने के बदले रुपयों की डील करते भास्कर के कैमरे में कैद हुए थे।

भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद 3 SP हटाए गए।

स्टिंग के बाद तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे

लोकायुक्त DG ने स्टिंग के बाद गुरुवार को DSP और निचले स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की थी। इसमें तीन कर्मचारी सस्पेंड किए गए थे। इनमें हेड कॉन्स्टेबल रामदास कुर्मी, हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह ठाकुर और कॉन्स्टेबल गौरव साहू शामिल हैं।

इसके अलावा प्रधान आरक्षक बृज बिहारी पांडेय के निलंबन और संविदा वाहन चालक अमित विश्वकर्मा पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है।

दो DSP को सस्पेंड करने DGP को लेटर

स्टिंग ऑपरेशन के दूसरे पार्ट में 4 जून को DSP स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा हुआ था। इसके बाद DSP बीएम द्विवेदी और मंजू सिंह को लोकायुक्त से हटाकर PHQ अटैच कर दिया गया है। दोनों DSP के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। DG देशमुख ने DGP कैलाश मकवाना को पत्र भेजा है।

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3 जून को पब्लिश पार्ट-1 पढ़ें…

एमपी लोकायुक्त के भीतर रिश्वतखोरी का सिस्टम कैमरे में कैद

एमपी में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने वाले लोकायुक्त संगठन के भीतर ही रिश्वत लेकर केस कमजोर करने वाला नेटवर्क सक्रिय है। भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में दो कॉन्स्टेबल, एक टेक्नीशियन और एक रीडर कैमरे में रिश्वत की डील करते दिखे। पढ़ें पूरी खबर…

4 जून को पब्लिश पार्ट-2 भी पढ़ें…

लोकायुक्त डीएसपी बोलीं- चोरी सब करते हैं…पकड़ा गया वो चोर

‘ऑपरेशन लोकायुक्त’ के पहले पार्ट में लोकायुक्त के टेक्नीशियन, आरक्षक और रीडर ट्रैप केस कमजोर करने के बदले रिश्वत मांगते कैमरे में कैद हुए थे। उन्होंने डीएसपी स्तर के दो अधिकारियों के लिए 3 से 5 लाख रुपए की रिश्वत डील की थी। टेक्नीशियन अमित विश्वकर्मा ने पूरी बातचीत में डीएसपी मैडम और डीएसपी सर का नाम लिया था। पढ़ें पूरी खबर…

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