Moradabad News: मल्लिका आम का नाम तो आपने सुना होगा, जिसका स्वाद और इसकी किस्म हर जगह फेमस हैं. इसकी मनमोहक खुशबू, कोमलता और खूबसूरत नारंगी रंग चमेली जैसा अहसास कराते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि आखिर इसका नाम मल्लिका क्यों पड़ा?
भारत में कई फलों को उनकी सुंदरता और महक के कारण ऐसे नाम दिए जाते हैं. मल्लिका आम बिना रेशे का, बेहद मीठा और रसीला होता है. गूदा गहरा नारंगी और खुशबू इतनी तेज कि पूरा कमरा महक जाए. यह जून-जुलाई में आता है और स्वाद में बेमिसाल होता है. आम के पसंदीदा लोग इस काम को भी खूब पसंद करते हैं.
यह वैरायटी वैज्ञानिकों ने की विकसित
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता ने बताया कि मल्लिका आम एक हाइब्रिड वैरायटी है. इसको इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से तैयार किया गया है. इस आम को वैज्ञानिकों की ओर से विकसित किया गया है. इसकी क्वालिटी बहुत अच्छी होती है, देखने में भी अच्छा होता है. इसलिए इसका नाम मल्लिका रखा गया है.
इस आम का स्वाद काफी मीठा होता है. इसके साथ ही इसमें गुदा बहुत अधिक होता है. मल्लिका आम अन्य आम की तुलना में थोड़ा देर से आता है. इसके साथ ही इसका आकार काफी बड़ा होता है. इसलिए बाजार में भी यह बहुत पसंद किया जाता है. किसानों के लिए भी यह बहुत लाभदायक है, क्योंकि यह पौधा हाई डेंसिटी से लगता है और 4 मीटर की दूरी पर इसका पौधा लगता है. इसकी पैदावार भी बहुत अच्छी होती है.
खूबसूरती के कारण पड़ा नाम
उन्होंने कहा कि मल्लिका का अर्थ रानी होता है. इसके साथ ही यह आम बहुत खूबसूरत है, जिसको देखते हुए इसका नाम मल्लिका रखा गया है. यह आम खाने, देखने और सभी चीजों में बहुत बढ़िया आम है. इसलिए इस आम की मार्केट में भी बहुत अच्छी डिमांड रहती है. किसान भी इस आम की खेती को करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि यह एक ऐसा आम है जो देर से आता है और अच्छा मुनाफा देकर जाता है. इसकी फसल में भी आम की अच्छी पैदावार निकल कर आती है. इसलिए किसान इस आम से अच्छा मुनाफा कमा सकता है और मालामाल बन सकता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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