Image Slider

Last Updated:

Cash in ATM Down : एटीएम इंडस्‍ट्री ने बैंकिंग एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा है कि कई शहरों में एटीएम में डालने के लिए बैंक शाखाओं से कैश नहीं मिल रहा है. सर्कुलेशन में नकदी होने के बावजूद एटीएम तक पैसा नहीं पहुंच रहा है. इसकी वजह से छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों के सामने समस्‍या आ रही है.

देश में रिकॉर्ड नकदी फिर भी सूखे पड़े हैं एटीएम, कहां जा रहा सारा कैशZoom

ईरान युद्ध के बीच एटीएम में कैश की कमी हो रही है.

नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक के आंकड़े देखें तो अभी देश के सर्कुलेशन में रिकॉर्ड नकदी भरी पड़ी है. बावजूद इसके हजारों एटीएम में कैश की कमी दिख रही है. एटीएम इंडस्‍ट्री के संगठन ने इंडियन बैंक एसोस‍िएशन को बताया है कि मशीन में लोड करने के लिए कैश ही नहीं मिल रहे हैं, जिसकी वजह से हजारों एटीएम से पैसे नहीं निकाले जा सकते हैं. आईबीए को लिखे पत्र में एटीएम इंडस्‍ट्री ने बताया कि कई राज्‍यों करेंसी चेस्‍ट और बैंकों की शाखाओं से पर्याप्‍त मात्रा में कैश नहीं मिल रहे हैं, जिसकी वजह से एटीएम में भी पैसे नहीं डाले जा पा रहे.

बिजनेस स्‍टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, एटीएम इंडस्‍ट्री ने अपने पत्र में कहा है कि कैश की कमी की वजह से लोगों को पैसे नहीं मिल पा रहे, खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों में यह समस्‍या ज्‍यादा दिख रही है. एटीएम इंडस्‍ट्री ने आरबीआई के करेंसी मैनेजमेंट विभाग को भी इस बारे में अवगत कराया है. उसका कहना है कि सर्कुलेशन में कैश होने के बावजूद एटीएम तक नकदी नहीं पहुंच रही. पर्याप्‍त नकदी के अभाव में छोटे शहरों और गांवों में लोगों को नकदी की समस्‍या का सामना करना पड़ रहा है.

कितने कैश की जरूरत, कितना मिला
रिपोर्ट में पेश किए गए आंकड़े बताते हैं कि किस कदर देश के एटीएम में नकदी की समस्‍या बढ़ती जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार, मार्च और अप्रैल में देश के एटीएम को कुल मिलाकर करीब 94 हजार करोड़ रुपये की जरूरत थी, लेकिन मिला इससे कहीं कम. मार्च में कुल मिलाकर 61 हजार करोड़ रुपये एटीएम के लिए उपलब्‍ध थे, तो अप्रैल में यह आंकड़ा सिर्फ 54 हजार करोड़ रुपये का रहा था. यह आंकड़ा साफ बताता है कि मार्च में डिमांड के मुकाबले सिर्फ 64 फीसदी नकदी उपलब्‍ध रही तो अप्रैल में यह 57 फीसदी पर आ गई.

एटीएम इंडस्‍ट्री ने की फीस बढ़ाने की डिमांड
एटीएम इंडस्‍ट्री के संगठनों ने कैश की कमी का यह आंकड़ा ऐसे समय उजागर किया है, यह उद्योग खुद भी कम शुल्‍क की वजह से जूझ रहा है. उद्योग ने बैंकों से अपना शुल्‍क बढ़ाने की मांग की है. एटीएम इंडस्‍ट्री नेटवर्क, एटीएम मैन्‍युफैक्‍चर, आउटसोर्स फर्म, व्‍हाइट लेबल एटीएम ऑपरेटर्स, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर, कैश डालने वाली एजेंसी, कैस निकालने वाली एजेंसी और एटीएम सिक्‍योंरिटी सर्विस उपलब्‍ध कराने का काम करती है. उद्योग ने अपनी सेवाओं के बदले फीस बढ़ाने की डिमांड की है. अभी दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने के लिए प्रति ट्रांजेक्‍शन 19 रुपये शुल्‍क लिया जाता है. इंडस्‍ट्री का कहना है कि यह फीस उसके मौजूदा खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है.

क्‍यों कम हो रहा एटीएम में कैश
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एटीएम में कैश की कमी हाल के दिनों में ईंधन के दाम बढ़ने की वजह से भी आई है. साथ ही नया लेबर कोड लागू होने के बाद कई राज्‍यों में इस काम से जुड़े श्रमिकों की सैलरी भी बढ़ाई गई है, जिसका बोझ इंडस्‍ट्री पर आया है. आंकड़ों में पता चल रहा है कि एटीएम का ट्रांजेक्‍शन करीब 3 फीसदी की दर से घटता जा रहा है. पूरे साल के आंकड़े देखें तो इसमें 10.40 फीसदी की गिरावट दिख रही है.

सर्कुलेशन में बढ़ा कैश पर एटीएम में नहीं
आरबीआई की मासिक बुलेटिन में साफ नजर आ रहा है कि मई में 44.6 करोड़ एटीएम ट्रांजेक्‍शन हुए, जो पिछले साल के 49.8 करोड़ से काफी कम है. इस दौरान 2.5 लाख करोड़ रुपये निकाले गए, जो पिछले साल तक 2.64 लाख करोड़ था. यह गिरावट तब दिख रही है, जबकि सर्कुलेशन में करेंसी बढ़ती जा रही है. 22 मई तक सर्कुलेशन में कुल करेंसी 42.54 लाख करोड़ रही, जबकि वित्‍तवर्ष 2026 के आखिर तक यह आंकड़ा 41.26 लाख करोड़ रुपये रहा था. यह सालाना आधार पर 12 फीसदी की ग्रोथ है. हालांकि, इसी दौरान उपभोक्‍ताओं के लिए एटीएम चार्ज भी बढ़ाकर 23 रुपये कर दिया गया है.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||