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Energy Export : भारत अभी अपनी जरूरत का 90 फीसदी तेल आयात करता है और इसका सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल वाहनों में किया जाता है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि स्‍वच्‍छ ऊर्जा सेक्‍टर में उत्‍पादन बढ़ाने से भारत 2 साल के भीतर ही ऊर्जा निर्यातक देश बन सकता है. एथनॉल का उत्‍पादन बढ़ने से किसानों की आमदनी में भी 45 हजार करोड़ का इजाफा हुआ है.

45000 करोड़ रुपये बढ़ी यूपी-बिहार के किसानों की कमाई, एक फैसले ने बदली तस्‍वीरZoom

एथनॉल की खपत और उत्‍पादन बढ़ने से किसानों की कमाई भी बढ़ी है.

नई दिल्‍ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण बदलते वैश्विक परिदृश्य और एथनॉल, हाइड्रोजन तथा पर्यावरण अनुकूल विमान ईंधन (एसएएफ) के मोर्चे पर देश की प्रगति के चलते भारत में अब ऊर्जा आयातक से ऊर्जा निर्यातक बनने की क्षमता है. मारुति सुजुकी की भारत में पहली ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ कार पेश किए जाने के अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत में जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीजल आदि) पर निर्भरता आर्थिक बोझ के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी बड़ा खतरा है. लिहाजा स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ना जरूरी है. उन्‍होंने एथनॉल का उपयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ी है.

गडकरी ने कहा कि अब हमारे पास ऊर्जा आयातक देश से ऊर्जा निर्यातक देश बनने की क्षमता है. भारत फिलहाल हर साल 78,000 टन पर्यावरण अनुकूल विमानन ईंधन (एसएएफ) का उत्पादन कर रहा है और अगले दो वर्षों में देश इसके निर्यात की स्थिति में आ सकता है. भविष्य में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों में भी एसएएफ के उपयोग की योजना है. इसका मतलब है कि भारत देश में पैदा की गई शुद्ध एनर्जी का इस्‍तेमाल अपने विमानों में ईंधन के तौर पर करेगा, जबकि दूसरे देशों को भी इसका निर्यात किया जा सकता है.

प्रदूषण में 40 फीसदी हिस्‍सा वाहनों का
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वायु प्रदूषण देश की बड़ी समस्या है और इसमें परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है. लिहाजा एथनॉल और सीएनजी जैसे वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना जरूरी है. देश में एथनॉल का उत्पादन एक्‍सेस में है और मक्का से एथनॉल बनाने के फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की कमाई में लगभग 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि हुई है.

सवा 2 गुना बढ़ी मक्‍के की कीमत
गडकरी ने कहा कि मक्के की कीमत पहले 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. इससे किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में काफी मदद मिली है. सरकार ने हरित हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रकों के लिए देशभर में 10 राजमार्ग खंडों की पहचान की है, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके. इनमें ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा, भुवनेश्वर-पुरी-कोणार्क, अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत, साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली, जमशेदपुर-कलिंगनगर, तिरुवनंतपुरम-कोच्चि और जामनगर-अहमदाबाद जैसे मार्ग शामिल हैं.

4.5 करोड़ रोजगार देता है वाहन उद्योग
अर्थव्‍यवस्‍था में वाहन क्षेत्र की भूमिका पर गडकरी ने कहा कि यह क्षेत्र केंद्र और राज्यों को सबसे अधिक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) देता है और करीब 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार भी प्रदान करता है. जब उन्होंने परिवहन मंत्रालय संभाला था, तब भारतीय वाहन उद्योग का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 23 लाख करोड़ रुपये हो गया है. अभी अमेरिका का वाहन उद्योग 78 लाख करोड़ रुपये का है, जबकि चीन का 47 लाख करोड़ रुपये का है. भारत का वाहन उद्योग करीब 23 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

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