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होमताजा खबरकृषि1 बोरी भी इधर से उधर नहीं…इस ट्रिक से रोकी जा रही यूरिया की कालाबाजारी

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Firozabad News : किसान खरीफ सीजन की तैयारी में जुट गए हैं. कई जगहों पर धान की नर्सरी भी लगा दी गई है. धान की बुआई के साथ यूरिया की डिमांड बढ़ जाती है. कई बार किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाती. ऐसा अक्सर कालाबाजारी के कारण भी होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा. फिरोजाबाद में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने अनूठा कदम उठाया है. फिरोजाबाद के अपर जिला कृषि अधिकारी विष्णु शंकर सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि अब खाद की आपूर्ति ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए की जाएगी. माल ले जाने वाली गाड़ी की ट्रैकिंग की जाएगी. 

फिरोजाबाद. किसानों के लिए राहत भरी खबर है. यूरिया खाद की अब कालाबाजारी नहीं हो सकेगी. कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग ने एक नया ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया है, जिससे खाद की आपूर्ति और वितरण पर नजर रखी जा सकेगी. फिरोजाबाद में पहली बार इस सिस्टम के जरिए खाद की डिलीवरी की गई. फिरोजाबाद के अपर जिला कृषि अधिकारी विष्णु शंकर सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने अनोखा कदम उठाया है. अब खाद की आपूर्ति ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए की जाएगी, जिससे विक्रेताओं और वाहन चालकों की निगरानी की जा सकेगी. अभी गोदामों से दुकानदारों के पास माल जाते समय कई बार बीच में ही खाद की कलाबाजारी हो जाती थी, जिसका पता कृषि विभाग को बाद में चल पाता था. अब माल ले जाने वाली गाड़ी की ट्रैकिंग की जाएगी.

अब तक 228 मीट्रिक टन की आपूर्ति

विष्णु शंकर सिंह बताते हैं कि अभी इस सिस्टम के जरिए शिकोहाबाद रैक प्वाइंट पर निजी और सहकारी क्षेत्र के लिए यूरिया की 1228 मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई है, जिसमें निजी क्षेत्र को 983 और पीसीएफ को 245 मीट्रिक टन का आवंटन हुआ था. आगे भी इसी तरह खाद का आवंटन हुआ करेगा. अपर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खाद की डिलीवरी के लिए कंपनी की ओर से माल भेजने में प्रयोग होने वाले वाहन चालकों के मोबाइल में एप के माध्यम से निकलने और गोदाम तक पहुंचने तक का ब्यौरा फीड कर दिया जाता है.

विक्रेता और वाहन चालक को ओटीपी मिलती है. सब कुछ ठीक मिलने पर खाद की आपूर्ति की जाती है. अपर जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि इस नए सिस्टम से खाद की कालाबाजारी पर रोक लगने की उम्मीद है. किसानों को सही समय पर पर्याप्त खाद मिलेगी.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

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