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cricket uniqur records: 1894 को ऑस्ट्रेलिया के मैदान पर एक ऐसा वाकया हुआ जिसने क्रिकेट के सारे नियम-कायदों को एक अनोखी चुनौती दे दी. बीच मैदान मौजूद पेड़ में बॉल फंसने के बाद दोनों बल्लेबाजों ने बिना रुके विकेटों के बीच दौड़कर कुल 286 रन पूरे कर लिए थे. मजे की बात य् हा कि ये मच की पहली गेंद थी जिसके बाद पारी घोषित कर दी गई
132 साल पहले ऑस्ट्रेलिया में खेले गए एक डोमेस्टिक मैच में बन गए थे 1 गेंद पर 286 रन
आधिकारिक तौर पर एक गेंद पर सबसे ज्यादा रन दौड़ने का वास्तविक रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के ही गैरी चैपमैन के नाम दर्ज है. उन्होंने साल 1992 के आसपास ऑस्ट्रेलिया में एक क्लब मैच के दौरान बल्लेबाजी करते हुए एक गेंद पर 17 रन दौड़े थे, क्योंकि गेंद मैदान की लंबी घास में खो गई थी. यह रिकॉर्ड बाकायदा ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज है.
जराह के पेड़ पर अटकी गेंद
यह ऐतिहासिक घटना ऑस्ट्रेलिया में स्क्रैच इलेवन और विक्टोरिया के बीच खेले जा रहे एक मैच के दौरान घटी. विक्टोरिया की टीम ने मैच की पहली ही गेंद पर जोरदार शॉट खेला. गेंद सीधे बाउंड्री लाइन के पास खड़े एक विशाल जराह के पेड़ की शाखाओं के बीच जाकर फंस गई. जराह की लकड़ी बहुत मजबूत होती है और यह पेड़ काफी ऊंचा था.
नियम और फील्डर्स की लाचारी
गेंद जैसे ही पेड़ पर अटकी, विक्टोरिया के बल्लेबाजों ने विकेटों के बीच दौड़ना शुरू कर दिया. फील्डिंग कर रही टीम ने अंपायरों से अपील की कि गेंद खो गई है और इसे ‘लॉस्ट बॉल’ घोषित किया जाए. हालांकि, अंपायरों ने इस अपील को खारिज कर दिया क्योंकि गेंद साफ तौर पर पेड़ पर दिखाई दे रही थी. नियमों के मुताबिक, जब तक गेंद फील्डर्स के हाथ में न आए या पूरी तरह गायब न हो जाए, खेल जारी रहता है.
कुल्हाड़ी और बंदूक का इस्तेमाल
गेंद को पेड़ से नीचे गिराने के लिए मैदान पर अफरा-तफरी मच गई. सबसे पहले एक कुल्हाड़ी मंगवाई गई ताकि पेड़ को काटकर गेंद निकाली जा सके, लेकिन इसमें बहुत अधिक समय लग रहा था। इसके बाद एक राइफल (बंदूक) का इंतजाम किया गया. पेड़ पर फंसी गेंद को निशाना बनाकर कई राउंड फायरिंग की गई. आखिरकार, एक शॉट सीधे गेंद पर लगा और वह पेड़ से नीचे गिर गई.
बन गया वर्ल्ड रिकॉर्ड
जब तक बंदूक से निशाना लगाकर गेंद को नीचे गिराया गया और फील्डर ने उसे वापस विकेटकीपर तक पहुंचाया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. दोनों बल्लेबाजों ने बिना रुके विकेटों के बीच दौड़कर कुल 286 रन पूरे कर लिए थे. शारीरिक रूप से दोनों बल्लेबाज इस दौड़भाग से पूरी तरह थक चुके थे, लेकिन उन्होंने खेल के इतिहास का सबसे अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था. विक्टोरिया की टीम ने सिर्फ एक गेंद के खेल के बाद ही अपनी पारी घोषित कर दी. यह घटना आज के आधुनिक क्रिकेट में असंभव है क्योंकि अब साफ नियम हैं कि अगर गेंद ऐसी जगह फंसती है जहाँ फील्डर की पहुंच न हो, तो अंपायर डेड बॉल या बाउंड्री घोषित कर देते हैं लेकिन 1894 की यह कहानी हमेशा क्रिकेट प्रेमियों को हैरान करती रहेगी.
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मैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें
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