रामायण जैसा कालजयी टीवी सीरियल बनाने वाले रामानंद सागर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना सफर स्क्रीनप्ले राइटर के रूप में शुरुआत की. राज कपूर की 1949 में आई क्लासिक फिल्म बरसात के राइटर थे. ‘रामायण’ से पहले रामानंद सागर ने 60-70 के दशक में कई सफल फिल्में भी बनाईं. अमिताभ बच्चन-रेखा से हमेशा उन्होंने दूरी ही बरती. बॉलीवुड के एक किलर लुक हीरो को बहुत पसंद करते थे. 8 साल में इस हीरो के साथ दो फिल्में बनाईं, दोनों ही मैसिव रहीं.
‘रामायण’ जैसा सीरियल बनाने वाले मशहूर निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर ने करीब तीन दशक फिल्में बनाईं. फिल्म इंडस्ट्री में वैसे तो उन्होंने अपनी शुरुआत पटकथा लेखक के तौर पर की थी. उन्होंने घूंघट, जिंदगी और आरजू (1965) जैसी हिट फिल्में बनाई. रामानंद सागर धर्मेंद्र के फैन थे. उन्होंने धर्मेंद्र के साथ 8 साल के अंतराल में दो फिल्में बनाईं. दोनों ही फिल्में मैसिव हिट रहीं. ये फिल्में थीं : आंखें और चरस. आइये जानते हैं इन फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स…….
सबसे पहले बात करते हैं 1968 में रिलीज हुई फिल्म ‘आंखें’ की. धर्मेंद्र-माला सिन्हा स्टारर इस फिल्म की शुरुआत में एक शेर ‘उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता, जिस सरहद पर निगाहबान हैं आंखें’ सुनाई देता है. फिल्म के कुछ हिस्से की शूटिंग जापान में भी हुई थी. आंखें एक स्पाइ थ्रिलर फिल्म थी. महमूद, ललिता पवार, जीवन और मदन पुरी भी सहायक भूमिकाओं में थे. फिल्म का सदाबहार म्यूजिक रवि ने कंपोज किया था. गीतकार साहिर लुधियानवी थे.
फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी-कभी’ था. इसके अलावा ‘गैरों पे करम, अपनों पे सितम, ऐ जाने वफा ये जुल्म ना कर’ गाना भी खूब पॉप्युलर हुआ. ‘मिलती है जिंदगी में मुहब्बत कभी-कभी’ गाना जापान में शूट हुआ था. यह गाना साहिर लुधियानवी ने नाजिर काजमी के शेर ‘ऐ दिल कैसे नसीब ये तौफीक-ए-इजतराब, मिलती है जिंदगी में ये राहत कभी-कभी’ से इंस्पायर्ड होकर लिखा था. रामानंद सागर की पहली फिल्म थी जिसकी शूटिंग विदेश में हुई थी. यह पहली हिंदी फिल्म है जिसकी शूटिंग इजराइल के बेरुत में हुई थी.
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‘आंखें’ फिल्म से जुड़ा सबसे दिलचस्प किस्सा राज कुमार से जुड़ा है. रामानंद सागर ने उन्हें लीड रोल ऑफर किया था. स्क्रिप्ट सुनने के बाद उन्होंने अपने कुत्ते को बुलाया और पूछा कि क्या वो इस फिल्म में काम करना चाहेगा. कुत्ते ने कुछ रिस्पांस नहीं दिया. राज कुमार ने कहा कि मेरा कुत्ता भी यह रोल नहीं करना चाहता तो मैं कैसे कर लूं?
फिल्म का एक गाना ‘मेरी सुन ले अर्ज बनवारी, तेरे द्वार खड़ी दुखियारी’ में भगवान कृष्ण की मूर्ति आर्ट डायरेक्टर ने मंगवाई थी. गाना फिल्माने के बाद रामानंद सागर इस मार्बल की मूर्ति घर ले गए थे. वो कृष्ण के बहुत बड़े उपासक थे. उन्होंने फिल्म के क्लाइमैक्स में भगवान कृष्ण की शक्ति भी बहुत ही रोमांचक अंदाज में दिखाई थी. 1.2 करोड़ के बजट में बनी ‘आंखें’ ने 3.25 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
रामानंद सागर ने 70 के दशक में एक बार फिर से धर्मेंद्र के साथ फिल्म बनाई. 1972 में युगांडा से एशियाई देश के रहवासियों को निकाला जा रहा था. इस बात को ‘चरस’ की कहानी का आधार फिल्म बनाई गई. धर्मेंद्र-हेमा मालिनी लीड रोल में थे. टॉम अल्टर की यह पहली फिल्म थी. डायलॉग वेद राही ने लिखे थे. स्क्रीनप्ले मोती सागर ने लिखे थे. फिल्म के लेखक-निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर थे. फिल्म के प्रमोशन में ‘हॉटेस्ट रोमांस ऑफ द ईयर’ शब्द यूज किया गया था क्योंकि उन दिनों धर्मेंद्र-हेमा मालिनी का रोमांस पीक पर था. फिल्म की शूटिंग यूरोप के कई देशों जैसे इटली, स्विस, फ्रांस और माल्टा में की गई थी.
रामानंद सागर ने 70 के दशक में एक बार फिर से धर्मेंद्र के साथ फिल्म बनाई. 1972 में युगांडा से एशियाई देश के रहवासियों को निकाला जा रहा था. इस बात को ‘चरस’ की कहानी का आधार फिल्म बनाई गई. धर्मेंद्र-हेमा मालिनी लीड रोल में थे. टॉम अल्टर की यह पहली फिल्म थी. डायलॉग वेद राही ने लिखे थे. स्क्रीनप्ले मोती सागर ने लिखे थे. फिल्म के लेखक-निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर थे. फिल्म के प्रमोशन में ‘हॉटेस्ट रोमांस ऑफ द ईयर’ शब्द यूज किया गया था क्योंकि उन दिनों धर्मेंद्र-हेमा मालिनी का रोमांस पीक पर था. फिल्म की शूटिंग यूरोप के कई देशों जैसे इटली, स्विस, फ्रांस और माल्टा में की गई थी.
फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. फिल्म के दो गाने असाधारण थे. ये गाने थे : कल की हसीन मुलाकात के लिए, हम तुम जुदा हो जाते हैं, अच्छा चलो सो जाते हैं और ‘आ जा तेरी याद आई.’ यह गाना फिल्म की बैकबोन था. गानों का प्लेसमेंट लाजवाब था. ‘चरस’ से पहले अमजद खान की फिल्म ‘शोले’ 1975 में ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. अमजद खान को लोग ‘गब्बर सिंह’ के नाम से जानते थे. इसका फायदा रामानंद सागर को मिला. डिस्ट्रीब्यूटर्स से उन्हें मुंहमागा पैसा मिला. फिल्म का बजट 1.45 करोड़ था और मूवी ने 1.8 करोड़ रुपये की कमाई की थी. फिल्म हिट रही थी. हकीकत यह थी कि फिल्म से इससे कहीं ज्यादा कमाई हुई थी. यह मामला 2017 में सामने आया था. सागर परिवार पर इनकम टैक्स की चोरी का आरोप लगा. परिवार को 6 लाख का जुर्माना भरना पड़ा था.
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