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Jee Advance 2026 Result Success Story: JEE Advanced 2026 में इस बार कई ऐसे छात्रों ने सफलता हासिल की है, जिनकी कहानियां केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संघर्ष, त्याग और दृढ़ संकल्प की मिसाल भी हैं. आइए उनकी छात्रों की सफलता की कहानी के बारे में आपको बताते हैं.

नोएडा: देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में गिनी जाने वाली JEE Advanced 2026 में इस बार कई ऐसे छात्रों ने सफलता हासिल की है, जिनकी कहानियां केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संघर्ष, त्याग और दृढ़ संकल्प की मिसाल भी हैं. आईआईटी रुड़की की ओर से घोषित परिणामों में भायंदर निवासी साहिल प्रधान ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 143 हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया. वहीं अनुष पपनई ने AIR 1029 और स्वप्निल तिवारी ने AIR 788 प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. नोएडा में स्थित फिजिक्स वाला में मौजूद इन छात्रों से लोकल 18 की टीम ने बात की और उनके अनुभव को आपके साथ साझा कर रहे हैं.

बेहतर भविष्य के लिए बेटे के साथ आ गईं नोएडा
साहिल प्रधान की सफलता की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक है. कम उम्र में पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई. परिवार चलाने के लिए उन्होंने घर पर ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया और बेटे की पढ़ाई में भी लगातार सहयोग दिया. बाद में उन्होंने साहिल की क्षमता को पहचानते हुए अपना पूरा समय उसकी तैयारी को समर्पित कर दिया.

बेटे के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने अपने गहने तक बेच दिए और बेहतर तैयारी के लिए उसके साथ नोएडा भी आ गई. साहिल ने नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट और रिवीजन के माध्यम से अपनी तैयारी को मजबूत बनाया. उनका कहना है कि उनकी मां के त्याग और सहयोग ने उन्हें हमेशा बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी है.

सफल छात्रों में ये भी शामिल
सफल छात्रों में शामिल अनुष पपनई और स्वप्निल मनोज की कहानियां भी युवाओं को प्रेरित करती हैं. उत्तराखंड के एक छोटे शहर से आने वाले अनुष पिछले वर्ष JEE Advanced का कटऑफ पार नहीं कर सके थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया, लगातार अभ्यास किया और इस वर्ष शानदार रैंक हासिल की. वहीं स्वप्निल का मानना है कि JEE की तैयारी ने उन्हें धैर्य, निरंतरता और आत्मविश्वास का सिखाया. दोनों छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन, लगातार अभ्यास और मॉक टेस्ट को दिया.

पेरेंट्स को नहीं पता इस परीक्षा के बारे में
इसी कड़ी में गाजियाबाद के मोदीनगर निवासी सागर की कहानी भी प्रेरणा देने वाली है. हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले सागर ने तमाम चुनौतियों के बावजूद JEE Advanced परीक्षा में सफलता हासिल की. उनकी मां सिलाई का काम करती हैं, जबकि पिता पुताई का काम करते हैं. सागर बताते हैं कि उनके माता-पिता को इस परीक्षा की जानकारी भले न रही हो, लेकिन उन्होंने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया. आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया. उनका मानना है कि पढ़ाई के दौरान कई बार मुश्किलें आती हैं, लेकिन निरंतर प्रयास ही सफलता का रास्ता बनाता है.

असली प्रेरणा अपने अंदर
तैयारी कर रहे दूसरे छात्रों को संदेश देते हुए इन छात्रों ने कहा कि JEE जैसी परीक्षा की तैयारी में केवल लंबे समय तक पढ़ना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना, लगातार अभ्यास करना और अवधारणाओं को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है. उनका यह भी मानना है कि असली प्रेरणा बाहर से नहीं, बल्कि अपने भीतर से आती है और यही प्रेरणा कठिन समय में व्यक्ति को टूटने नहीं देती. पढ़ाई के साथ साथ क्वेश्चन पेपर को भी सॉल्व करते रहें उससे अधिक अनुभव मिलता है.

About the Author

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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