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इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस ने शुक्रवार को इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी (साइड) 2026 रिपोर्ट के अनुसार, भारत पांचवीं सबसे अधिक डिजिटलाइज्ड इकॉनोमी बन गया है। 2025 में यह आठवें स्थान पर था। वहीं देश एआई प्रदर्शन के मामले में चिप्स-एआई इंडेक्स में अमेरिका, चीन और सिंगापुर के बाद चौथे स्थान पर है। यह उछाल डिजिटल कनेक्टिविटी, फिनटेक विकास और नवाचार क्षमता में सुधार का परिणाम है। दुनिया की जीडीपी के 96% को कवर करने वाले 71 देशों में की गई स्टडी से पता चलता है कि भारत डिजिटल प्रदर्शन में जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा सहित प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं से आगे निकल रहा है। भारत ने डिजिटल माध्यमों से करीब 31 लाख करोड़ रुपए का ट्रेड किया और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े एआई टैलेंट का हब है। दुनिया के 72% एआई यूजर विकासशील देशों में रिपोर्ट का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि दुनिया के 72% एआई उपयोगकर्ता अब विकासशील देशों में हैं। भारत और चीन मिलकर वैश्विक एआई उपयोग का लगभग 40% हिस्सा रखते हैं। भारत अकेले वैश्विक एआई उपयोगकर्ताओं का लगभग 26% हिस्सा रखता है। निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर की सबसे ज्यादा चुनौती भारत में एआई उपयोग और प्रतिभा तो बहुत है, लेकिन वैश्विक निजी एआई निवेश का केवल 1% हिस्सा ही मिलता है। एडवांस चिप्स, कंप्यूटिंग क्षमता और बड़े एआई मॉडल अभी कुछ ही देशों के पास केंद्रित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत को अपने डिजिटल स्केल को इनोवेशन के लिए अधिक निवेश, रिसर्च और स्टार्टअप यूनिवर्सिटी सहयोग को मजबूत करना होगा। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… एआई के दौर में अब इंसान कहानी सुनाना सीखें: एनवीडिया सीईओ हुआंग बोले- बच्चे कौन सा विषय पढ़ें, इससे ज्यादा जरूरी है ‘कैसे सीखें’ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज़ रफ्तार दुनिया में अक्सर यह सवाल उठता है कि बच्चों को अब कौन-सा विषय पढ़ना चाहिए ताकि भविष्य सुरक्षित रहे। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी एआई चिप कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेसन हुआंग की राय इससे बिल्कुल अलग है। पूरी खबर पढ़ें…

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