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मालदा आम पश्चिम बंगाल के मालदा जिले (मैंगो सिटी) के नाम पर पड़ा है. यह अपनी पतली गुठली, कम रेशे और बेहद मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. बड़े पैमाने पर इसके उत्पादन के कारण यह क्षेत्र देश के प्रमुख आम उत्पादक केंद्रों में गिना जाता है.इस आम का मूल स्थान पश्चिम बंगाल का ‘मालदा’ जिला है. इस क्षेत्र की जलवायु और महानंदा तथा कालिंदी नदियों के किनारे की उपजाऊ मिट्टी इन आमों को खास स्वाद देती है.

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मुरादाबादः आम का सीजन शुरू हो गया है ऐसे में मार्केट में अलग-अलग वैरायटी और अलग-अलग नाम के आम देखने को मिल जाएंगे. वहीं उन्ही में एक आम मालदा आम है. मालदा आम पश्चिम बंगाल के मालदा जिले (मैंगो सिटी) के नाम पर पड़ा है. यह अपनी पतली गुठली, कम रेशे और बेहद मीठे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है. बड़े पैमाने पर इसके उत्पादन के कारण यह क्षेत्र देश के प्रमुख आम उत्पादक केंद्रों में गिना जाता है.इस आम का मूल स्थान पश्चिम बंगाल का ‘मालदा’ जिला है. इस क्षेत्र की जलवायु और महानंदा तथा कालिंदी नदियों के किनारे की उपजाऊ मिट्टी इन आमों को खास स्वाद देती है.

300 से 400 ग्राम होता है साइज

कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक मेहंदीरत्ता ने बताया कि मालदा आम का नाम बंगाल में एक जिला है. मालदा उस जिले के नाम पर पड़ा है. यह आम सबसे ज्यादा मालदा जिले में उगाया जाता है. इसके साथ ही वहां की मिट्टी और जलवायु के कारण इसका स्वाद बहुत मीठा और अच्छा होता है. सबसे ज्यादा इसका उत्पादन ही मालदा जिले में होता है. इसलिए इसका नाम मालदा आम रखा गया है. इस आम की खासियत यह है कि यह बहुत रसीला और मीठा होता है. इसका स्वाद बहुत ही उत्कृष्ट और अलग तरीके का होता है. इसके साथ ही इस आम का साइज भी बड़े आकार का होता है. 300 से 400 ग्राम का इसका साइज रहता है और इसका छिलका बहुत हल्का और पतला होता है. जिसे आसानी से छीला जा सकता है.

पौष्टिक गुणों से होता है भरपूर

इसकी मध्यम गंध और आकर्षक खुशबू होती है. यह आम देखने में भी बेहद खूबसूरत लगता है. खाने और आचार बनाने दोनों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. इसमे विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. मालदा आम मुकता पश्चिम बंगाल के मालदा जिले और उत्तर 24 जो परगना जिला है. वहां पर इसका ज्यादा उत्पादन होता है. उर्वरक मिट्टी और जहां सिंचाई आसानी से की जा सकती है. वह जमीन इसके लिए उपयुक्त होती है. साथ ही सबसे ज्यादा उत्पादन इसका मालदा जिले में ही होता है. इसके अलावा यह खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है और अचार बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है और स्वाद और खुशबू दोनों में लाजवाब होता है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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