कड़े और पारदर्शी नियम के तहत अब बस के भीतर कंडक्टर के सामने पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही महिलाओं के हाथ में वह जादुई पर्ची यानी जीरो वैल्यू टिकट थमाई जाएगी जो उन्हें बिना एक भी रुपया खर्च किए उनकी मंजिल तक पहुंचाएगी. नई सुवेंदु अधिकारी सरकार ने अपने सबसे बड़े चुनावी वादों में से एक ‘महिला मुफ्त बस यात्रा योजना’ को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है. राज्य के परिवहन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य दस्तावेजों (पहचान पत्रों) की आधिकारिक सूची जारी कर दी है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मुफ्त सेवा का लाभ केवल राज्य की वास्तविक महिला निवासियों को ही मिले और किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा न हो, इसके लिए सफर के दौरान एक वैध फोटो पहचान पत्र पास में रखना अनिवार्य होगा.
परिवहन विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार, महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त सफर का लाभ लेने के लिए कंडक्टर को एक प्रामाणिक दस्तावेज दिखाना होगा. मान्य कागजातों की सूची में निम्नलिखित को शामिल किया गया है:
मुख्य पहचान पत्र: वोटर आईडी (EPIC) रोजगार एवं स्वास्थ्य दस्तावेज: ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड और आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड. आधिकारिक दस्तावेज: ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और पासपोर्ट. अन्य सरकारी प्रमाण: फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों (PSU) और पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा जारी किए गए आधिकारिक सेवा पहचान पत्र. छात्रों के लिए राहत: स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए वैध छात्र पहचान पत्र भी पूरी तरह मान्य होंगे.
अधिसूचना के मुताबिक, इस योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक लाभार्थी महिला को नाम और फोटो सहित एक विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किया जाएगा. यह स्मार्ट कार्ड क्यूआर कोड (QR Code) से लैस होगा. इसे बनवाने के लिए महिलाओं को अपने संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) या उप-मंडल अधिकारी (SDO) कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा. स्मार्ट कार्ड बनने तक क्या होगी व्यवस्था?
सरकार ने महिलाओं की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए साफ किया है कि जब तक महिलाओं को स्थायी स्मार्ट कार्ड जारी नहीं हो जाता तब तक वे ऊपर सूचीबद्ध किए गए किसी भी एक फोटो पहचान पत्र को दिखाकर योजना का पूरा लाभ उठा सकती हैं. बस में ड्यूटी पर तैनात कंडक्टर पहचान पत्र का सत्यापन करने के बाद महिलाओं की मांग पर ‘जीरो वैल्यू टिकट’ या थर्मल पेपर टिकट जारी करेंगे, जिससे यात्रा का वित्तीय लेखा-जोखा सरकार के पास सुरक्षित रहे.
योजना की 5 बड़ी बातें
• लागू होने की तारीख: पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना 1 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू होगी.
• पहचान पत्र अनिवार्य: फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सफर के दौरान मान्य फोटो आईडी प्रूफ दिखाना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है.
• डिजिटल स्मार्ट कार्ड: लाभार्थियों की पहचान के लिए बीडीओ और एसडीओ कार्यालयों के माध्यम से क्यूआर कोड वाले डिजिटल स्मार्ट कार्ड बनाए जाएंगे.
• जीरो वैल्यू टिकट: बस कंडक्टर पहचान पत्र देखने के बाद महिलाओं को शून्य मूल्य (Zero Value) का थर्मल टिकट जारी करेंगे.
• सीमित दायरा: यह योजना केवल पश्चिम बंगाल की मूल निवासी महिलाओं और राज्य द्वारा संचालित (सरकारी) बसों के लिए ही लागू होगी.
सवाल-जवाब
पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना कब से शुरू हो रही है और इसका लाभ किसे मिलेगा?
यह योजना 1 जून से पूरे पश्चिम बंगाल में लागू होने जा रही है. इसका लाभ केवल पश्चिम बंगाल की मूल निवासी महिला नागरिकों को ही मिलेगा, जिसके लिए उन्हें यात्रा के दौरान अपना राज्य का वैध पहचान पत्र दिखाना होगा.
यदि किसी महिला के पास अभी तक डिजिटल स्मार्ट कार्ड नहीं है, तो वह मुफ्त यात्रा कैसे कर पाएगी?
जब तक बीडीओ या एसडीओ कार्यालय द्वारा आधिकारिक क्यूआर कोड युक्त स्मार्ट कार्ड जारी नहीं हो जाता, तब तक महिलाएं वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या [पहचान पत्र ओमिटेड] जैसे किसी भी अन्य सरकारी फोटो पहचान पत्र को दिखाकर मुफ्त सफर का लाभ उठा सकती हैं.
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