-लखनऊ में हुआ कार्यक्रम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया रहे मौजूद
-करीब 4951 करोड़ के निवेश से यमुना सिटी बनेगी सोलर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र
-आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और गारमेंट सेक्टर की कंपनियों से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। लखनऊ में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में क्षेत्र में 17 कंपनियों को भूखंड आवंटन पत्र सौंपे। इन निवेशों के जरिए यमुना सिटी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक इंडस्ट्री के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सबसे बड़ा आकर्षण सेक्टर-8D में सोलर एनर्जी क्षेत्र की दो बड़ी परियोजनाएं रहीं, जिनसे अकेले करीब 4951 करोड़ रुपये का निवेश और 5500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 25 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां 4 गीगावाट क्षमता की सोलर पीवी सेल फैसिलिटी स्थापित करेगी। इस परियोजना में 1146 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 500 युवाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं, आरपी-संजीव गोयनका ग्रुप की कंपनी CESC ग्रीन पावर लिमिटेड को 100 एकड़ भूमि दी गई है। कंपनी 3 गीगावाट सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इस परियोजना में 3805 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
इसके अलावा आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी सेक्टर की कई कंपनियों को भी विभिन्न सेक्टरों में भूखंड आवंटित किए गए। आर्सेनल इंफोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-16A में आईटी/आईटीईएस यूनिट स्थापित करेगी, जिसमें 71.19 करोड़ रुपये निवेश और 1140 रोजगार सृजित होंगे। वर्चुअल एम्प्लॉयी प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-12G में 48 करोड़ रुपये के निवेश से 600 युवाओं को रोजगार देगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में साईनाथ सेल्स एंड सर्विसेज, समरकूल होम एप्लायंसेज और एनडीएसबी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियां भी उत्पादन इकाइयां स्थापित करेंगी। वहीं क्वार्क्स टेक्नोसॉफ्ट सेक्टर-15A में डेटा प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करेगी, जिससे करीब 1800 रोजगार मिलने की संभावना है। रेडीमेड गारमेंट्स क्षेत्र की साहू इंटरनेशनल एटायर भी सेक्टर-15D में अपनी यूनिट लगाएगी। कंपनी 70 करोड़ रुपये का निवेश कर लगभग 1992 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगी।
इसके अतिरिक्त रिधि सिधि पेपर्स, अल्फा कम्युनिकेशन, एजिलिटी इलेक्ट्रोटेक्निक्स, अमेडियस इंडिया और जेएमवी एलपीएस समेत कई अन्य कंपनियों को भी विभिन्न सेक्टरों में प्लॉट आवंटित किए गए हैं। ये कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे सिग्नलिंग, पैकेजिंग, इलेक्ट्रिकल पैनल और आईटी सेवाओं के क्षेत्र में कार्य करेंगी। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से यमुना सिटी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस खबर को बदलते हुए दीजिए
यमुना सिटी में सोलर और हाईटेक इंडस्ट्री को नई उड़ान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र की 17 कंपनियों को भूखंड आवंटन पत्र वितरित किए। इन निवेश प्रस्तावों को यमुना सिटी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक इंडस्ट्री के बड़े हब के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में सबसे अधिक आकर्षण सोलर ऊर्जा क्षेत्र की दो बड़ी परियोजनाओं का रहा। इन दोनों परियोजनाओं के जरिए करीब 4951 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 5500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-8D में 25 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी यहां 4 गीगावाट क्षमता की सोलर पीवी सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी। इस परियोजना में 1146 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 500 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
वहीं सीईएससी ग्रीन पावर लिमिटेड को 100 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी 3 गीगावाट क्षमता की सोलर सेल और मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी। इस परियोजना में 3805 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी कई कंपनियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। आर्सेनल इन्फो सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-16A में आईटी एवं आईटीईएस यूनिट स्थापित करेगी। कंपनी 71.19 करोड़ रुपये का निवेश करेगी और 1140 लोगों को रोजगार देगी। वहीं वर्चुअल एम्पलाई प्राइवेट लिमिटेड सेक्टर-12G में 48 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 600 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में सेंड सेल्स एंड सर्विसेज, सेंट्स सेल्स एंड सर्विसेज और समर कूल होम अप्लायंसेज एचडी सब इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियां नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करेंगी। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, इन निवेशों से यमुना सिटी क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को भी मजबूती मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर तैयार होंगे। इस मौके पर यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया मौजूद रहे।
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