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-पूर्वांचल भवन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का सशक्त केंद्र बनेगा: विक्रमादित्य सिंह मलिक
-नगर आयुक्त की अध्यक्षता में पुरबिया समाज की अहम बैठक, संचालन व्यवस्था पर बनी सहमति
-अजीवन, विशेष व साधारण सदस्यता शुल्क तय, सात दिन में भव्य कार्यक्रम की तैयारी
-पूर्वांचल भवन बनेगा सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा निर्मित पूर्वांचल भवन के संचालन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। उत्तरांचल भवन के सफल संचालन के बाद नगर निगम ने शहर में रहने वाले पूर्वांचल एवं बिहार मूल के लोगों को एक समर्पित सामाजिक एवं सांस्कृतिक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में मंगलवार को नगर निगम सभागार में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में पूर्वांचल समाज के सम्मानित प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्वांचल समाज के सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, व्यापारी एवं समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य पूर्वांचल भवन के संचालन की रूपरेखा तय करना, सदस्यता अभियान प्रारंभ करना तथा समाज की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम शहर की विविध संस्कृतियों को सम्मान देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और पूर्वांचल भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बैठक में सर्वसम्मति से पूर्वांचल भवन की सदस्यता संरचना तय की गई। बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनीन्द्र कुमार, चीफ इंजीनियर एनके चौधरी, उद्यान प्रभारी डॉ अनुज कुमार सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश कुमार, जलकल जीएम केपी आनंद, अकाउंट ऑफिसर अनुराग सिंह, मुख्य लेखा परीक्षक विवेक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी सुनील राय आदि मौजूद रहे।

इसके अंतर्गत अजीवन सदस्यता शुल्क 11 हजार रुपये, विशेष सदस्यता शुल्क 5100 रुपये तथा साधारण सदस्यता शुल्क 2100 रुपये निर्धारित किया गया। नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि आगामी सात दिनों के भीतर पूर्वांचल भवन परिसर में भव्य बैठक एवं सदस्यता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्वांचल समाज के लोग भाग लेंगे और सदस्यता ग्रहण करेंगे। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि पूर्वांचल भवन केवल एक भवन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता का प्रतीक बनेगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठियां, सामाजिक बैठकें, पारिवारिक आयोजन तथा समाजहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में सदस्य बनकर इस पहल को सफल बनाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पूर्वांचल भवन के संचालन से जुड़ी सभी प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जाएं। साथ ही समाज के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए ताकि भवन का संचालन पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके।

नगर आयुक्त ने बताया कि भवन के संचालन हेतु विभिन्न समितियों का गठन भी किया जा रहा है, जो सदस्यता अभियान को गति देने के साथ कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। बैठक के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से पूर्वांचल समाज को एक ऐसे मंच की आवश्यकता महसूस हो रही थी, जहां समाज के लोग अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करते हुए सामाजिक गतिविधियों का आयोजन कर सकें। पूर्वांचल भवन इस आवश्यकता को पूरा करेगा और समाज को एक नई पहचान देगा। बैठक में ही कई सामाजिक प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन माध्यम से अजीवन सदस्यता ग्रहण कर अभियान की शुरुआत को मजबूत समर्थन दिया। पुरबिया जनकल्याण परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष रीता सिंह, प्रवक्ता जय दीक्षित, उपाध्यक्ष कंचन तिवारी, संजीव सिंह, तिलकराम पाण्डेय, सुभाष सिंह सहित अनेक सदस्यों ने सदस्यता लेते हुए समाज के अन्य लोगों से भी जुडऩे का आह्वान किया।

समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्वांचल भवन केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह पूर्वांचल समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं साहित्यिक पहचान का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां छठ महापर्व, सांस्कृतिक उत्सव, साहित्यिक कार्यक्रम, युवा गतिविधियां और सामाजिक जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर आने का अवसर मिलेगा। बैठक के अंत में समाज की एकता, सहभागिता और पूर्वांचल भवन के सफल संचालन का सामूहिक संकल्प लिया गया। उपस्थित सदस्यों ने नगर निगम द्वारा पूर्वांचल भवन के भव्य निर्माण के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल गाजियाबाद की सामाजिक विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को और मजबूत करेगी।

इस अवसर पर मनोज मुंगेरी, राकेश तिवारी, राजाराम मौर्य, सुजीत तिवारी, अमन शर्मा, आशीष कुमार, कैप्टन गोपाल, पिंटू सिंह सहित अनेक सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पूर्वांचल भवन शहरवासियों के लिए सामाजिक समन्वय और सांस्कृतिक संवाद का नया अध्याय साबित होगा। नगर निगम की इस पहल से न केवल पूर्वांचल समाज को पहचान मिलेगी बल्कि गाजियाबाद में सामुदायिक सौहार्द और सहभागिता भी मजबूत होगी।

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