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-जमीन देने आगे आए किसान, द्वितीय चरण के विकास कार्यों को मिली गति
-501 हेक्टेयर में बसाई जाएगी आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टाउनशिप
-पारदर्शी प्रक्रिया और संवाद नीति से मजबूत हुआ जीडीए-किसान भरोसा

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम आवासीय योजना अब जमीन पर उतरती हुई नजर आ रही है। योजना के द्वितीय चरण के लिए किसानों द्वारा भूमि देने की सहमति मिलने से परियोजना को नई गति प्राप्त हुई है। मंगलवार को जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल को उनके कार्यालय में ग्राम शाहपुर निज मोरटा के किसानों ने 25 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध कराने संबंधी सहमति पत्र सौंपा। किसानों की बढ़ती भागीदारी से प्राधिकरण की इस बड़ी आवासीय परियोजना के विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जीडीए द्वारा हरनंदीपुरम योजना को जनपद के भावी शहरी विकास का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। योजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है, जिसमें किसानों की सहमति को प्राथमिक आधार बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार किसानों द्वारा स्वेच्छा से भूमि देने के लिए आगे आना योजना की सफलता का सकारात्मक संकेत है। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल को किसानों ने सहमति पत्र सौंपते हुए योजना के विकास में सहयोग का भरोसा दिया।

इस अवसर पर जीडीए के विशेष कार्याधिकारी राजीव रतन सिंह, तहसीलदार विवेक कुमार मिश्रा सहित कई किसान उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम नगला फिरोज मोहनपुर क्षेत्र में भी पिछले तीन दिनों के भीतर लगभग 15 एकड़ कृषि भूमि के लिए किसानों की सहमति प्राप्त हुई है। लगातार मिल रही सहमति से भूमि खरीद प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज होती जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि हरनंदीपुरम योजना को दो चरणों में 501 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। यह योजना आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सुव्यवस्थित एवं भविष्य उन्मुख टाउनशिप के रूप में विकसित की जाएगी। परियोजना के अंतर्गत चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, थीम आधारित पार्क, आवासीय एवं व्यावसायिक सेक्टर, उन्नत जल निकासी व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत संरचना तथा बेहतर यातायात कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है ताकि भूमि उपलब्ध होते ही सेक्टरवार विकास कार्य प्रारंभ किए जा सकें। इसके लिए टोपोग्राफिकल एवं सैटेलाइट सर्वे का कार्य पहले ही पूरा कराया जा चुका है। भविष्य में हरनंदीपुरम को एक हाईटेक, पर्यावरण अनुकूल और सुव्यवस्थित नगर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखा जाए और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भूमि बैनामा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाए, जिससे किसानों का विश्वास मजबूत हो और योजना की प्रगति बाधित न हो। अधिकारियों का मानना है कि हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद के शहरी विस्तार को नई दिशा देगी। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश की संभावनाओं के कारण यह क्षेत्र भविष्य में आवासीय एवं आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। योजना के विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, रियल एस्टेट गतिविधियों को गति मिलेगी और शहर का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।

गौरतलब है कि जीडीए की हाल ही में आयोजित बोर्ड बैठक में हरनंदीपुरम योजना के द्वितीय चरण के लिए भूमि खरीद सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके बाद से प्राधिकरण ने जमीन खरीद प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए किसानों से सीधा संवाद शुरू किया है, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है। जिला प्रशासन और जीडीए की सक्रिय पहल से हरनंदीपुरम योजना को गाजियाबाद की सबसे बड़ी और आधुनिक आवासीय परियोजनाओं में शामिल माना जा रहा है। किसानों की सहमति और प्रशासनिक प्रयासों के संयुक्त परिणामस्वरूप यह योजना आने वाले समय में शहर के विकास का नया मॉडल बन सकती है, जो गाजियाबाद को आधुनिक शहरी पहचान प्रदान करेगी।

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