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टीएमसी के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री गियासुद्दीन मोल्ला ने मगराहाट पश्चिम में अभिषेक बनर्जी और पुलिस अधिकारी मिथुन कुमार डे पर मारपीट, दुरुपयोग और धमकी के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई है.
टीएमसी के एक पूर्व विधायक और मंत्री ने अभिषेक बनर्जी के खिलफ केस दर्ज करवाया है.
“तृणमूल कांग्रेस के तीन बार विधायक रह चुके और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट के पूर्व सदस्य गियासुद्दीन मोल्ला ने पार्टी के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी और एक पुलिस अधिकारी मिथुन कुमार डे के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के मगराहाट (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के एक स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है.
रविवार को अपनी पुलिस शिकायत दर्ज कराने की पुष्टि करते हुए, मोल्ला ने कहा कि वह पुलिस कार्रवाई और अपनी ही पार्टी द्वारा प्रताड़ित किए जाने के डर से चुप रहे थे. मोल्ला मगराहाट (पश्चिम) से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं और पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक मामलों व मदरसा शिक्षा के पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं.
मोल्ला ने कहा कि मैं डर के साए में जी रहा था, इसलिए मैंने मुंह खोलने की हिम्मत नहीं की. मुझे डर था कि मेरी ही पार्टी के कार्यकर्ता मुझ पर हमला कर सकते हैं और मुझे परेशान कर सकते हैं. हालांकि अब मैं पुलिस में शिकायत दर्ज करा रहा हूं क्योंकि मुझे नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले प्रशासन पर भरोसा है.
2011 से 2026 तक मगराहाट (पश्चिम) निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे मोल्ला को हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी द्वारा दोबारा टिकट नहीं दिया गया था. इसके बजाय, पार्टी ने शमीम अहमद मोल्ला को उम्मीदवार बनाया, जो मौजूदा विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायकों में से एक हैं.
उनके अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर उपमंडल के पूर्व उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) मिथुन कुमार डे, तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक वर्ग के खिलाफ अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई करते थे. ये नेता और कार्यकर्ता अभिषेक बनर्जी द्वारा पार्टी चलाने के तानाशाही तरीके को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे.
टीएमसी कार्यकर्ता को मिथुन कुमार डे ने बुरी तरह पीटा था
तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता को मिथुन कुमार डे ने बुरी तरह पीटा था. उसने पुलिस स्टेशन के अंदर पार्टी कार्यकर्ताओं को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. उस समय पार्टी विधायक होने के नाते, मैंने इसका विरोध किया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ. इसके विपरीत, मिथुन कुमार डे ने मुझे डांटा और अपनी लाठी लेकर मुझे पीटने के लिए मेरी तरफ दौड़ा. मैंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, दोनों को इस बारे में बताया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला.
उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी को सब कुछ पता था और मिथुन कुमार डे ने बनर्जी के निर्देशों पर ही ऐसी हरकतें की थीं. हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने डे को चुनाव से जुड़ी किसी भी ड्यूटी से रोक दिया था.
इससे पहले शुक्रवार रात को ही उत्तरी 24 परगना जिले के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी. उन पर आरोप है कि उन्होंने राज्य में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों से पहले कथित तौर पर हिंसा भड़काई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी दी. वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने राज्य की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई का आरोप लगाया है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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