संगीतकार की सुरीली धुनों को शब्द देने का काम गीतकार का होता है. वही गाने के ऐसे बोल लिखता है जो दिल को छू जाते हैं. वह डायरेक्टर और संगीतकार के बीच ब्रिज का काम करता है. कर्णप्रिय गाने लिखता है. एक बार एक गीतकार ने संगीतकार और डायरेक्टर को पहले जमकर डांटा. पूरे आधे घंटे तक यह क्रम चलता रहा. डायरेक्टर-संगीतकार सिर नीचे करके गीतकार की बात सुनते रहे. जब दिल की भड़ास निकल गई तो गीतकार ने ऐसा सुपरहिट गाना लिखा कि फिल्म की पहचान बन गया. इस गाने को उदित नारायण और कविता कृष्णामूर्ति ने अमर कर दिया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. यह सुपरहिट गाना कौन साथा, वो फिल्म कौन सी थी, संगीतकार-गीतकार और डायरेक्टर की जोड़ी किसकी थी, आइये जानते हैं…….
क्या आपने कभी सोचा है कि कोई गीतकार किसी फिल्म के संगीतकार और डायरेक्टर को डांटे. पूरे आधे घंटे तक डांटता रहे, फिर ऐसा गाना लिखे जो हमेशा के लिए उस फिल्म की पहचान बन जाए. 90 के दशक में ऐसा ही घटनाक्रम ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मोहरा’ में देखने को मिला था. डायरेक्टर राजीव राय और संगीतकार विजु शाह गीतका आनंद बख्शी के पास गाना लिखवाना पहुंचे. वो फिल्म का एक गाना गीतकार इंदीवर से लिखवाया था. इस बात से आनंद बख्शी बेहद नाराज थे. अपने दिल की भड़ास निकालने के बाद उन्होंने ऐसा गाना लिखा, जो अक्षय कुमार-रवीना टंडन को ताउम्र नाम-पहचान दे गया.
‘मोहरा’ फिल्म 1 जुलाई 1994 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म का डायरेक्शन राजीव राय ने किया था. वही राजीव राय जिन्होंने ‘विश्वात्मा’ और ‘त्रिदेव’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाई. वही राजीव राज जिनके पिता गुलशन राय ने अमिताभ बच्चन को सुपर स्टार बनाया. ‘दीवार’, ‘त्रिशूल’, ‘जॉनी मेरा नाम’ जैसी फिल्में प्रोड्यूस कीं. मोहरा एक थ्रिलर मूवी थी जिसके गाने-डायलॉग बहुत पॉप्युलर हुए थे. फिल्म में अक्षय कुमार और रवीना की रोमांटिक जोड़ी, सुनील शेट्टी के मसल को लोगों ने पसंद किया. ‘टिप-टिप बरसा पानी’ में रवीना ने पीली साड़ी पहने पानी में सिजलिंग डांस किया था.
‘मोहरा’ फिल्म में म्यूजिक विजु शाह ने म्यूजिक दिया था. गीतकार आनंद बख्शी-इंदीवर थे. फिल्म के दो पॉप्युलर गाने ‘ना कजरे की धार’ और ‘दिल हर कोई देता है’ गीतकार इंदीवर ने लिखे थे. फिल्म के गाने आज भी उतने ही पॉप्युलर है. फिल्म का सबसे मकबूल गाना ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ उस समय हर पार्टी, बस-ऑटो में, पान की दुकानों में बजता था. यह गाना गीतकार आनंद बख्शी ने लिखा था. 1994 में ‘मोहरा’ फिल्म ने धूम मचा दी थी.
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फिल्म के सबसे पॉप्युलर गाने ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’ को लिखने में पूरे छह दिन लगे थे. इस गाने को लिखवाने के लिए जब डायरेक्टर राजीव राय और संगीतकार विजु शाह गीतकार आनंद बख्शी के पास पहुंचे तो वो खूब नाराज हुए थे. दरअसल, फिल्म के दो गाने इंदीवर से लिखवाए गए थे. ऐसे में बख्शी साहब ने कहा कि उन्होंने कभी गाने लिखने के लिए मना नहीं किया, फिर वो दूसरे गीतकार के पास क्यों गए.
दरअसल, बख्शी साहब के संबंध राजीव राव के पिता गुलशन राय और विजु शाह के पिता-चाचा कल्याण जी -आनंद जी से बहुत अच्छे थे. ऐसे में उन्होंने दोनों को डांट लगाई थी.
संगीतकार विजु शाह ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘हमने फिल्म के गाने लिखवाने के लिए कई राइटर्स से संपर्क किया. समीर अनजान को भी फोन किया था लेकिन कोई भी गीतकार एक-दो गाने लिखने को तैयार नहीं था. पूरी फिल्म लिखना चाहता था. इसी बीच एक पार्टी में राजीव राय के पिता की मुलाकात गीतकार आनंद बख्शी से हुई. उन्होंने बताया कि बच्चे गीत लिखवाने के लिए भटक रहे हैं. आप प्लीज फिल्म के गाने लिख दीजिए. अगले दिन हम बख्शी साहब के घर पहुंचे. उन्होंने पूरे आधे घंटे लेक्चर दिया. बोले कि पहले वजह बताओ कि मुझे क्यों छोड़ा? किसी दूसरे गीतकार से गाने कैसे लिखवाए?’ हम सिर नीचे करके बात सुनते रहे.’
विजु शाह ने आगे बताया, ”तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ के डमी बोल हमने ‘ये हुस्न हुस्न है मस्त मस्त’ लिखे थे. शुरुआत में आनंद बख्शी ने बहुत ही फिलॉसिशिकल अंदाज में गाना लिखा था. राजीव ने उन्हें समझाया कि यह एक आइटम सॉन्ग है, ऐसे में वो मुखड़ा रिजेक्ट हो गया. अगले दिन हम रिद्म बॉक्स लेकर बख्शी साहब के घर पहुंचे. फिर से गाना लिखा लेकिन पसंद नहीं आया. फिर हमने उन्हें बताया कि ‘मस्त-मस्त’ का यहां पर मतलब टपोरी भाषा से है. कुछ इसी अंदाज में गाना चाहिए. पहले बख्शी साहब ‘मन मस्त’ समझ रहे थे. फिर हमने उन्हें ‘मस्त-मस्त’ गर्ल का आइडिया दिया. यह तीसरी सिटिंग हो रही थी. वो 15 मिनट तक खामोश रहे. फिर उन्होंने कहा कि गाना लिखिए ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’. इतना सुनते ही हम खुश हो गए. गाने के आगे के बोल फिर से पसंद नहीं आए. ऐसे में यह गाना 6 दिन में पूरा हुआ.’
विजु शाह ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि ‘ऐ काश कहीं ऐसा होता..’ गाना दिलीप कुमार की फिल्म ‘कलिंगा’ के लिए लिखा गया था. दिलीप कुमार 1992 में यह फिल्म बना रहे थे लेकिन यह कभी रिलीज नहीं हो सकी. ‘सुबह से लेकर शाम तक, शाम से लेकर रात तक…’ गाना भी आनंद बख्शी ने बहुत पहले लिखकर रखा हुआ था. मोहरा फिल्म का क्लाइमैक्स दिमाग घुमा देने वाला था. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह ने निगेटिव रोल किया था. पूरी महफिल लूट ले गए थे.
‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ गाने की शूटिंग के दौरान रवीना टंडन थककर चूर हो गई थीं. वो सेट पर बेहोश होकर गिर गई थीं. पूरे दो घंटे फिल्म की शूटिं रुकी रही थी. इस गाने ने रवीना टंडन को ‘मस्त-मस्त गर्ल’ का टैग दिया. मोहरा फिल्म का बजट करीब 4 करोड़ रुपये का था. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 23 करोड़ की कमाई की थी. यह एक सुपर ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
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