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होमखेलक्रिकेटहफ्तेभर के अंदर करियर स्वाहा, डेब्यू के 7 दिन में ही खेल लिया आखिरी मैच

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Phil Emery Australia: ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज फिल एमरी प्रतिभा के तो धनी थे, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया, जिससे उनका इंटरनेशनल करियर सिर्फ 7 दिन के भीतर ही खत्म हो गया. न्यू साउथ वेल्स से आने वाले एमरी ने सिर्फ दो ही मैच खेले- एक टेस्ट और एक वनडे.

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फिल एमरी ने दो ही इंटरनेशनल मैच खेले.

नई दिल्ली. हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह देश के लिए न सिर्फ खेले, बल्कि टीम का अहम हिस्सा बनकर कई यादगार जीत दिलाने में योगदान दे. खासकर भारत में, जहां क्रिकेट को महज एक खेल नहीं माना जाता, बल्कि धर्म की तरह पूजा जाता है, छोटे-छोटे बच्चे एक सफल क्रिकेटर बनने के सपने के साथ बड़े होते हैं. हालांकि, इसमें हर किसी को कामयाबी नहीं मिलती है. कुछ हीरो बन जाते हैं तो कुछ प्रतिभाशाली होने के बावजूद इक्का-दुक्का मैच ही खेल पाते हैं. ऐसे ही एक क्रिकेटर की कहानी हम लेकर आए हैं, जिसका इंटरनेशनल करियर सिर्फ 7 दिन का ही रहा. डेब्यू के हफ्तेरभर के भीतर ही इस स्टार ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच भी खेल लिया. यह नाम है- फिल एमरी.

फिल एमरी न्यू साउथ वेल्स के एक ऐसे भरोसेमंद विकेटकीपर थे, जिन्होंने अपना ज्यादातर करियर दिग्गज इयान हीली की परछाईं में बिताया. घरेलू क्रिकेट में उन्हें उनकी शानदार विकेटकीपिंग और टेम्परामेंट के लिए बहुत सम्मान दिया जाता था, लेकिन इंटरनेशनल स्तर पर मौके उन्हें बहुत कम मिले. उन्होंने खुद भी कभी यह नहीं सोचा होगा कि सिर्फ दो मैच खेलकर ही वह ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट को अलविदा कह देंगे.

1994 में चमकी किस्मत
1994 में फिल एमरी की किस्मत पलटी. पाकिस्तान दौरे के दौरान इयान हीली की उंगली टूट गई और ऑस्ट्रेलिया को तुरंत एक विकेटकीपर की जरूरत पड़ी. एमरी को अचानक कराची बुलाया गया. 30 अक्टूबर, 1994, यह एमरी और उनके परिवार के लिए खुशी था दिन था, क्योंकि इसी दिन के लिए एमरी ने कड़ी मेहनत की थी. एमरी को ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू का मौका मिला. उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच की प्लेइंग-11 में शामिल जगह दी गई. दो दिन बाद ही उन्होंने टेस्ट डेब्यू भी कर लिया. एक नवंबर से पांच नवंबर के बीच खेले गए पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभाई. हालांकि, यह मुकाबला उनके इंटरनेशनल करियर का लास्ट मैच साबित हुआ.

इस एकमात्र टेस्ट मैच के दौरान एमरी के बाएं हाथ का अंगूठा टूट गया और कीपिंग करते समय एक गेंद उनके चेहरे पर भी लगी. हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चोट के साथ भी खेलना जारी रखा. जैसे ही इयान हीली ठीक होकर ऑस्ट्रेलियाई टीम में लौटे तो एमरी को जगह नहीं मिली और उन्हें वापस घरेलू क्रिकेट में लौटना पड़ा. इसके बाद उन्हें कभी नेशनल टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिला और उनका इंटरनेशनल करियर एक वनडे और एक टेस्ट तक ही सीमित रह गया.

ओवरऑल क्रिकेट करियर
फिल एमरी का का ओवरऑल करियर 10 साल से भी ज्यादा लंबा रहा. 1999 में रिटायर होने से पहले उन्होंने 121 फर्स्ट-क्लास मैचों में 337 कैच पकड़े और 47 स्टंपिंग की. एक बाएं हाथ के बल्लेबाज के रूप में भी वह काफी टैलेंटेड थे. उन्होंने कई बार निचले क्रम में आकर टीम के लिए बहुत जरूरी पारियां खेलीं. उन्होंने अपने करियर में 17 अर्धशतक और एक शतक बनाया. उन्होंने 26 से ज्यादा की औसत से कुल 3292 फर्स्ट क्लास रन बनाए. वह अक्सर तब रन बनाते थे जब उनकी टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती थी. उनके करियर का सबसे यादगार पल 1993-94 में आया, जब मार्क टेलर की गैरमौजूदगी में उन्होंने अपनी टीम की कप्तानी की और न्यू साउथ वेल्स को उनका 42वां ‘शील्ड खिताब’ जिताया. अपने एकमात्र टेस्ट और एक वनडे में उन्होंने क्रमशः 8 और 11 रन बनाए. वनडे में तीन कैच और टेस्ट में 5 स्टंपिंग और एक कैच लिया.

About the Author

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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