-नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने विभागों को वितरित किए आधुनिक ऑल-इन-वन कंप्यूटर, कर्मचारियों को डिजिटल कार्यशैली अपनाने के निर्देश
-सीएसआर योजना के तहत मिले 50 लेटेस्ट डेस्कटॉप, फाइलों की ऑनलाइन ट्रैकिंग और पारदर्शी प्रशासन पर जोर
-पुरानी कार्यप्रणाली को अलविदा, स्मार्ट प्रशासन और तेज जनसेवा के लक्ष्य के साथ नगर निगम ने बढ़ाया डिजिटल परिवर्तन का कदम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और दक्षता बढ़ाने की दिशा में गाजियाबाद नगर निगम ने डिजिटल परिवर्तन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों को नवीनतम तकनीक से लैस ऑल-इन-वन डेस्कटॉप कंप्यूटर वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य नगर निगम की कार्यप्रणाली को पूरी तरह आधुनिक बनाना तथा ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करना है। कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक युग में प्रशासनिक कार्यों को पारंपरिक तरीकों से संचालित करना अब संभव नहीं है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से न केवल कार्यों की गति बढ़ेगी बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम अब हाईटेक कार्यशैली अपनाते हुए सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली को प्राथमिकता देगा। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, महाप्रबंधक जल कामाख्या प्रसाद आनंद, प्रभारी उद्यान डॉ. अनुज कुमार सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, प्रकाश विभाग से शेष मणि यादव तथा मुख्य नगर लेखा परीक्षक विवेक सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के लिपिकों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और कर्मचारियों को नए कंप्यूटर सौंपते हुए उन्हें डिजिटल प्रणाली के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित किया। नगर निगम को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) योजना के अंतर्गत वीए टेक वाबैग कंपनी द्वारा 50 आधुनिक डेस्कटॉप कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। कार्यक्रम में कंपनी की ओर से प्रोजेक्ट मैनेजर अनुज त्रिपाठी भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने इस सहयोग के लिए कंपनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के सहयोग से शहर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाया जा सकता है।
नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि अब सभी विभाग ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से ही फाइलों और दस्तावेजों पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि कागजी प्रक्रिया में समय की बर्बादी और दस्तावेजों के खोने की संभावना रहती है, जबकि डिजिटल फाइल प्रणाली सुरक्षित, तेज और पारदर्शी होती है। उन्होंने बाबुओं, लिपिकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों से नई तकनीक सीखने और उसे दैनिक कार्यों में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पुराने कंप्यूटरों में मौजूद सभी महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को सावधानीपूर्वक नए सिस्टम में स्थानांतरित किया जाए। किसी भी डेटा की हानि न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रभारी नजारत को सीएसआर के तहत प्राप्त सभी कंप्यूटरों की सूची तैयार कर रिकॉर्ड में सुरक्षित रखने तथा चरणबद्ध तरीके से पुराने सिस्टम हटाने के निर्देश दिए गए।
नगर आयुक्त ने कहा कि आधुनिक उपकरणों के उपयोग से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को मिलने वाली सेवाएं अधिक तेज एवं प्रभावी होंगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और जनता की शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध तरीके से संभव हो सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के अधिकांश पुराने कंप्यूटर अब बदले जा चुके हैं और नई तकनीक से लैस डेस्कटॉप के साथ कर्मचारी कार्य करना शुरू कर चुके हैं। इससे ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और विभागीय समन्वय में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से शहर हित से जुड़े विकास कार्यों की निगरानी बेहतर होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।
नगर आयुक्त ने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीक को अपनाना समय की आवश्यकता है और गाजियाबाद नगर निगम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नगर निगम की यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, बल्कि इसे स्मार्ट प्रशासन और स्मार्ट सिटी की अवधारणा को मजबूत करने वाला प्रयास भी माना जा रहा है। आने वाले समय में नगर निगम की अधिकांश सेवाएं पूर्णत: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। नगर निगम अब पारंपरिक कार्यशैली से आगे बढ़ते हुए डिजिटल प्रशासन की नई पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षित स्टाफ और तकनीकी नवाचार के साथ नगर निगम शहर के विकास और जनसेवा को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा है।
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