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-पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सरकार का जोर
-4 मई अंतिम तिथि, तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था से होगी लॉटरी

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आबकारी ई-लॉटरी के चौथे चरण की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। देशी मदिरा, कंपोजिट दुकान, मॉडल दुकान तथा भांग की दुकानों के आवंटन हेतु अवशेष एवं नवसृजित कुल 640 फुटकर दुकानों के लिए आज से ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार यह संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की संभावना समाप्त हो सके। इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने तथा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 4 मई 2026 निर्धारित की गई है। प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति का मुख्य उद्देश्य दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता लाना, राजस्व संग्रह को मजबूत करना तथा प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी चरण निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से ही संपन्न कराए जाएंगे।

आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था में तकनीकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि ई-लॉटरी प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित डिजिटल प्लेटफार्म पर आधारित है, जिससे आवंटन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्थाओं में आवेदकों को कई स्तरों पर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही, प्रत्येक आवेदन का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और चयन प्रक्रिया स्वत: कम्प्यूटरीकृत प्रणाली द्वारा संपन्न होगी।
डॉ. आदेश सिंह ने बताया कि ई-नवीनीकरण और तृतीय चरण की ई-लॉटरी के बाद बची हुई तथा नई सृजित दुकानों को चौथे चरण में शामिल किया गया है, ताकि प्रदेश में किसी भी क्षेत्र में लाइसेंस आवंटन लंबित न रहे। उन्होंने आवेदकों से अपील की कि आवेदन करने से पूर्व नियमों और शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन अवश्य करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही आवेदन पूरा करें। आबकारी आयुक्त ने यह भी कहा कि नई आबकारी नीति के माध्यम से सरकार राजस्व वृद्धि के साथ-साथ व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहती है। डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की संभावना न्यूनतम हो जाएगी।

उन्होंने आगे बताया कि ई-लॉटरी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की निगरानी उच्च स्तर पर की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पोर्टल की सतत निगरानी कर रही है, जिससे आवेदन के दौरान आने वाली समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके। प्रदेश सरकार का मानना है कि नई डिजिटल आबकारी प्रणाली से व्यवसायियों का विश्वास बढ़ेगा तथा प्रतिस्पर्धात्मक और निष्पक्ष माहौल तैयार होगा। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आबकारी व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक, सरल और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि भविष्य में सभी लाइसेंस आवंटन प्रक्रियाएं पारदर्शी तरीके से संचालित होती रहें। उन्होंने सभी इच्छुक आवेदकों से निर्धारित पोर्टल के माध्यम से समय रहते आवेदन करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि ई-लॉटरी प्रणाली प्रदेश में सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। नई आबकारी नीति के लागू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में मदिरा दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया अब डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी है, जिसे प्रशासनिक सुधार और पारदर्शी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

ई-लॉटरी पोर्टल बना आवेदकों की पहली पसंद, घर बैठे हो रहा आवेदन
उत्तर प्रदेश आबकारी विभाग द्वारा शुरू किया गया ई-लॉटरी पोर्टल अब मदिरा दुकानों के आवंटन की पूरी प्रक्रिया का प्रमुख माध्यम बन गया है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट exciseelotteryup.upsdc.gov.in के माध्यम से आवेदक बिना किसी कार्यालय गए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और तेज हो गई है। पोर्टल पर आवेदकों को पंजीकरण, आवेदन भरने, दस्तावेज अपलोड करने तथा शुल्क जमा करने की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई है। इससे समय की बचत के साथ अनावश्यक भागदौड़ भी समाप्त हुई है।

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार वेबसाइट को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया गया है, ताकि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित बनी रहे। पोर्टल पर आवश्यक दिशा-निर्देश, पात्रता शर्तें तथा प्रक्रिया संबंधी विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे आवेदकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभाग ने आवेदकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें और आवेदन करने से पहले सभी नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें। ई-लॉटरी पोर्टल के माध्यम से अब आबकारी लाइसेंस आवंटन व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रूप ले चुकी है।

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