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-डेढ़ वर्ष की समीक्षा के बाद नगर निगम ने खुद संचालन संभालने का लिया फैसला
-समाज संगठनों से सदस्यता अभियान में सहयोग की अपील, 6 मई को लगाया जाएगा विशेष कैंप
-नियमित समिति करेगी संचालन व आयोजन की निगरानी, पारदर्शी व्यवस्था लागू होगी

 उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा निर्मित उत्तरांचल भवन और पूर्वांचल भवन के संचालन को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया पर अब अंतिम निर्णय लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने स्वयं संचालन की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में गुरुवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। इस निर्णय के बाद दोनों भवनों का उपयोग अब सर्व समाज के हित में किया जाएगा, जिससे शहरवासियों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह, पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधि राकेश तिवारी सहित उत्तरांचल एवं पूर्वांचल समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने शहर के विभिन्न समाजों की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन भवनों का भव्य निर्माण कराया था।

नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि भवनों का निर्माण पूर्ण होने के बाद सोसाइटी एक्ट के तहत उनका विधिवत पंजीकरण कराया गया तथा नगर निगम सदन से प्रस्ताव पारित कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई भी पूरी की गई। भवनों के संचालन के लिए एक समिति का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष के रूप में नगर आयुक्त, सचिव के रूप में अपर नगर आयुक्त तथा नजारत प्रभारी, संपत्ति प्रभारी, लेखाधिकारी सहित कुल नौ अधिकारियों को शामिल किया गया। इसके साथ ही उत्तरांचल और पूर्वांचल समाज के प्रतिनिधियों को भी समिति में सदस्य के रूप में जोड़ा गया था।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक योजना के अनुसार भवनों के संचालन की जिम्मेदारी उत्तरांचल एवं पूर्वांचल समाज के संगठनों को दी गई थी। इसके लिए संगठनों को सदस्यता विस्तार और संचालन व्यवस्था मजबूत करने हेतु लगभग डेढ़ वर्ष का समय प्रदान किया गया। इस अवधि में कई बैठकें आयोजित की गईं और समाज के प्रतिनिधियों से सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा की गई, लेकिन अपेक्षित संख्या में सदस्यता नहीं बढ़ पाई।

इसी स्थिति को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया कि अब उत्तरांचल और पूर्वांचल भवनों का संचालन नगर निगम स्वयं करेगा। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इन भवनों का निर्माण किसी एक वर्ग विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरे शहर के नागरिकों की सुविधा के लिए किया गया है। इसलिए अब इनका उपयोग सर्व समाज के लिए सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने उत्तरांचल एवं पूर्वांचल समाज के संगठनों से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को सदस्य बनाने में सहयोग करें, ताकि भवनों की गतिविधियों में सामाजिक सहभागिता बनी रहे। इसी उद्देश्य से आगामी 6 मई को उत्तरांचल भवन परिसर में विशेष सदस्यता कैंप आयोजित किया जाएगा, जहां इच्छुक नागरिक सदस्य बन सकेंगे।

नगर निगम प्रशासन के अनुसार अब एक्ट के तहत गठित समिति भवनों के संचालन, रखरखाव तथा कार्यक्रमों की अनुमति संबंधी सभी प्रक्रियाओं का नियमानुसार संचालन करेगी। किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक अथवा सामुदायिक आयोजन के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार अनुमति प्रदान की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और सुव्यवस्था सुनिश्चित हो सके। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर में सामुदायिक एकता को मजबूत करना और सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उत्तरांचल और पूर्वांचल भवन भविष्य में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जनसभाओं और नागरिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।

नगर निगम के इस निर्णय को शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सकारात्मक कदम बताते हुए स्वागत किया है। माना जा रहा है कि निगम के सीधे संचालन से भवनों का बेहतर रखरखाव होगा, कार्यक्रमों की संख्या बढ़ेगी तथा अधिक से अधिक नागरिक इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में इन भवनों को बहुउद्देश्यीय सामुदायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे गाजियाबाद में सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिल सके।

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