अगर आप अजय देवगन की ‘दृश्यम’ जैसी थ्रिलर फिल्मों के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके होश उड़ा देगी. कहानी एक साधारण पिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने परिवार और अपनी प्यारी कार के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. जब एक साजिश के तहत उसका परिवार मुसीबत में फंसता है, तो वह बेबस पिता खूनी खेल शुरू कर देता है. दिमाग घुमा देने वाले ट्विस्ट और रोंगटे खड़े कर देने वाले सस्पेंस से भरपूर यह फिल्म ओटीटी पर तहलका मचा रही है.
नई दिल्ली. आज के दौर में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों की भरमार है, जिससे दर्शकों के लिए बेहतरीन कंटेंट चुनना अक्सर मुश्किल हो जाता है. इसी उलझन को दूर करने के लिए आज हम एक ऐसी फैमिली थ्रिलर फिल्म के बारे में आपको बताते हैं जो सस्पेंस और रोमांच का अनूठा संगम है. इस फिल्म के कई सीन्स भावुक कर देने वाला हैं कि उन्हें देखकर दर्शकों का दिल भारी हो जाता है. अगर आप परिवार के साथ बैठकर जबरदस्त कहानी देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपकी पहली पसंद होनी चाहिए.
हम बात कर रहे हैं फिल्म थुदरुम की, जिसकी कहानी एक छोटे से परिवार और उनकी पुरानी एम्बेसडर कार के इर्द-गिर्द बुनी गई है. फिल्म में मोहनलाल ने लीड रोल निभाया है जिनके करिदार को अपने परिवार से भी ज्यादा अपनी पुरानी एम्बेसडर कार से लगाव है. लेकिन एक दिन अचानक वह कार पुलिस स्टेशन में पहुंच जाती है. गांजा स्मगलिंग करते हुए पकड़ी गई उस कार को वापस पाने के लिए मोहनलाल बहुत मेहनत करता है.
कार जब्त होने के बाद मोहनलाल को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है और वह अपनी बेगुनाही कैसे साबित करता है, यही इस थ्रिलर का मुख्य आकर्षण है. ‘थुदरुम’ वर्तमान में जियो हॉटस्टार पर साउथ की भाषाओं के साथ हिंदी में भी उपलब्ध है. यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक आम आदमी अपने बेटे और परिवार की खातिर अपराधियों से भिड़ जाता है. फिल्म का हर सीन आपको यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि आगे क्या होगा.
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फिल्म की शुरुआत एक अच्छी फैमिली स्टोरी जैसी लगती है. लेकिन जैसे ही पुलिस कार को जब्त कर लेती है, फिल्म पूरी तरह थ्रिलर जोन में बदल जाती है. इसके बाद हर सीन में जबरदस्त ट्विस्ट्स देखने को मिलते हैं. पूरी फिल्म में कहीं भी बोरियत महसूस नहीं होती और एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म देखने का अहसास होता है.
इस फिल्म में बेंज के किरदार में मोहनलाल ने सिर्फ एक्टिंग नहीं की, बल्कि किरदार को जिया है. कम आमदनी में परिवार पालने वाले एक मासूम इंसान की भूमिका में भी, उसी परिवार को बचाने के लिए डटकर खड़े होने वाले बेंज के रूप में उन्होंने शानदार परफॉर्मेंस दी है.
इस फिल्म में मोहनलाल, शोभना, भारतीराजा, इलावरासु जैसे सितारों ने काम किया है. विलेन के रोल में जॉर्ज रोल का अभिनय अलग ही स्तर का है. फिल्म खत्म होने के बाद भी उनका किरदार दर्शकों के मन में छाया रहता है. फिल्म में दो विलेन हैं, लेकिन जॉर्ज रोल का किरदार सबसे ज्यादा प्रभावित करता है.
फिल्म की स्क्रिप्ट ऐसी है कि कुछ सीन्स का अंदाजा आप पहले ही लगा सकते हैं, लेकिन प्रस्तुतीकरण इतना जानदार है कि रुचि कम नहीं होती. निर्देशक तरुण मूर्ति ने फिल्म को बहुत ही सधे हुए अंदाज में पेश किया है. उन्होंने छोटे-छोटे पलों को भी काफी खूबसूरती और रोमांच के साथ पिरोया है. यही कारण है कि यह फिल्म अपनी प्रेडिक्टिबिलिटी के बावजूद दर्शकों को एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव देने में पूरी तरह सफल रही है.
यह फिल्म ‘दृश्यम’ जैसी लगती है और मूवी रोमांच इसमें भी भरपूर है. हालांकि यह फिल्म पूरी तरह एक्शन मोड में चलती है. सिर्फ 15 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने फाइनल रन में 230 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन कर रिकॉर्ड बना दिया है. अगर आपको दृश्यम जैसी फिल्में पसंद हैं तो आप इसका जियो हॉटस्टार पर लुत्फ उठा सकते हैं. खास बात है कि आईएमडीबी पर इस फिल्म को 7.5 रेटिंग मिली है.
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