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मुरादाबाद के छात्र अभिषेक ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 96.20% अंक हासिल कर प्रदेश में सातवां और जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है. मजदूर पिता के बेटे अभिषेक ने आर्थिक तंगी के बावजूद कड़ी मेहनत, 5–6 घंटे की पढ़ाई और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर यह सफलता हासिल की. स्कूल प्रशासन के सहयोग और मुफ्त शिक्षा ने उनकी राह आसान बनाई. अब उनका सपना IAS अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर दिया है. जिसको लेकर मुरादाबाद से भी एक इंटरमीडिएट के छात्र ने प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त किया है और जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है. यह छात्र आर्थिक रूप से कमजोर था स्कूल प्रशासन ने पूरा सपोर्ट किया था और छात्र ने कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

जिला टॉप कर परिवार का नाम किया रोशन

अभिषेक ने बताया कि मैंने इंटरमीडिएट में 500 में से 481 अंक व 96.20 परसेंट परसेंटेज प्राप्त करके उत्तर प्रदेश में सातवां और जिला मुरादाबाद में पहला स्थान प्राप्त किया है. जिसको लेकर मुझे बहुत खुशी है. मेरे पिता मजदूरी करते हैं और मेरी माता हाउसवाइफ है. उन्होंने कहा कि हम चार भाई हैं. जिसमें दो भाई मेरे से बड़े हैं और एक भाई मुझसे छोटे हैं. मेरे भाई बहन भी पढ़ लिख रहे हैं. मेरे पिताजी मजदूरी करते हैं. इसके साथ ही स्कूल प्रशासन ने मुझे सारी सुविधाएं मुफ्त में दे रखी हैं. मेरी फीस और कॉपी किताब सब मुझे स्कूल प्रशासन मुफ्त में देता है. यह सब सुविधा मुझे स्कूल प्रशासन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण देता है. जिसको लेकर मैं अपने सभी अध्यापकों का धन्यवाद करना चाहता हूं. मुझे स्कूल प्रशासन ने काफी सपोर्ट किया था।

आईएएस बनना है सपना

आगे चलकर मैं आईएएस अधिकारी बनना चाहता हूं. मैं 5 से 6 घंटे पढ़ाई करता था. मेरे सबसे ज्यादा नंबर मैथमेटिक्स में आए हैं. जिसमें 100 में से 100 नंबर आए हैं. उन्होंने कहा कि मैथ मेरा फेवरेट सब्जेक्ट था. मैथ में मैं नोट्स बनाता था कांसेप्ट क्लियर करता था. कोई भी डाउट होता था तो टीचर से क्लियर करता था. किसी भी डाउट को अधूरा नहीं छोड़ता था. उस डाउट को टीचर के माध्यम से पूरा करता था और चार से पांच घंटे प्रतिदिन पढ़ाई करता था. इन्हीं चीजों को फॉलो करते हुए मैंने यह कामयाबी हासिल की है. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर मेरा किसी भी प्लेटफार्म पर कोई अकाउंट नहीं है. ना ही मैं फोन इस्तेमाल करता हूं. सोशल मीडिया से मैं दूर रहता हूं।

स्कूल ने किया सपोर्ट

केसर जहां कयामुद्दीन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पंकज कुमार ने बताया कि हमारा बच्चा अभिषेक बहुत ही मेहनती लड़का है और यह आर्थिक स्थिति से जूझ रहा था. इस बच्चे के माता-पिता आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं और यह बच्चा बहुत मेहनती है. इसके भाई ने भी 2024 में दसवीं रैंक हासिल की थी. इंटरमीडिएट में और इन्होंने साथ भी रैंक हासिल की है. और यही बच्चा हमारा हाई स्कूल में मंडल टॉपर रहा था. जिले में इसने पहले पोजीशन हासिल की है. और उत्तर प्रदेश में सातवीं रेंक हासिल की है. हमने बच्चों के परिवार की स्थिति को देखते हुए स्कूल की फीस, किताबें, बोर्ड फीस सहित सभी चीज माफ कर रखी हैं.

उन्होंने कहा कि मैं आपके चैनल के माध्यम से यह अपील करना चाहता हूं कि बच्चे की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आगामी जो भी इसकी पढ़ाई लिखाई है, एजुकेशन है उसमें सरकार की तरफ से और जिला प्रशासन की तरफ से बच्चे को मदद मिलनी चाहिए.  हम बहुत खुश हैं कि हमारे विद्यालय के बच्चे ने जिला टॉप किया है.

About the Author

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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