Hyderabad to Nagpur LPG Pipeline Project Details: हैदराबाद के चेर्लापल्ली से नागपुर तक 1,585 करोड़ रुपये की लागत से 453 किलोमीटर लंबी एलपीजी पाइपलाइन बिछाई जाएगी. यह पाइपलाइन हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 6 बॉटलिंग प्लांट्स को जोड़ेगी जिससे सड़क टैंकरों पर निर्भरता कम होगी. पेट्रोलियम बोर्ड की इस पहल से गैस की आपूर्ति सुरक्षित, तेज और किफायती हो जाएगी. परियोजना के 2028-29 तक पूरा होने की संभावना है.
हैदराबाद नागपुर एलपीजी पाइपलाइन न्यूज़
Hyderabad to Nagpur LPG Pipeline Project Details: तेलंगाना के औद्योगिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है. हैदराबाद के चेर्लापल्ली स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के एलपीजी टर्मिनल से महाराष्ट्र के नागपुर तक एक अत्याधुनिक एलपीजी पाइपलाइन बिछाई जाएगी. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा विकसित की जा रही इस परियोजना की कुल लागत 1,585 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह पाइपलाइन दक्षिण भारत और मध्य भारत के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करेगी जिससे भविष्य में गैस आपूर्ति की बाधाएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी.
तकनीकी विवरण के अनुसार यह पाइपलाइन लगभग 453 किलोमीटर लंबी होगी. इसका रूट प्लान हैदराबाद के चेर्लापल्ली टर्मिनल से शुरू होकर वारंगल और महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिलों से गुजरते हुए नागपुर तक पहुँचेगा. इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि यह सीधे हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 6 प्रमुख एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स को एक सूत्र में पिरोएगी. इसमें नागपुर का विशाल प्लांट भी शामिल है. इस पाइपलाइन की वार्षिक क्षमता 510 टीएमटी एलपीजी को हैंडल करने की होगी जो क्षेत्रीय मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है.
सड़क मार्ग से हटेंगे टैंकर और बढ़ेगी सुरक्षा
वर्तमान में एलपीजी की आपूर्ति के लिए भारी सड़क टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है. लंबी दूरी तय करने वाले इन टैंकरों के कारण न केवल परिचालन लागत अधिक आती है बल्कि सड़क हादसों का जोखिम भी बना रहता है. पाइपलाइन नेटवर्क स्थापित होने के बाद गैस की ढुलाई तेज और किफायती हो जाएगी. इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और पर्यावरण को भी लाभ पहुँचेगा. कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और लॉजिस्टिक्स प्रणाली को सुरक्षित बनाना इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है.
2030 तक का विज़न और टाइमलाइन
यह परियोजना केंद्र सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत 2030 तक देश के थोक एलपीजी परिवहन को पूरी तरह पाइपलाइन नेटवर्क पर स्थानांतरित करने का लक्ष्य है. पाइपलाइन का निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 के शुरुआती महीनों में शुरू होने की उम्मीद है. विशेषज्ञों के अनुसार इस कार्य को पूरा करने में करीब डेढ़ से दो साल का समय लगेगा. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो वर्ष 2028-29 तक यह ऊर्जा गलियारा पूरी तरह चालू हो जाएगा जिससे लाखों उपभोक्ताओं और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा.
Q1. हैदराबाद से नागपुर तक बनने वाली एलपीजी पाइपलाइन की कुल लंबाई कितनी होगी?
Answer: इस महत्वाकांक्षी एलपीजी पाइपलाइन की कुल लंबाई लगभग 453 किलोमीटर निर्धारित की गई है. यह पाइपलाइन हैदराबाद के चेर्लापल्ली टर्मिनल से शुरू होकर वारंगल और महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिलों से गुजरते हुए नागपुर तक पहुंचेगी. इतनी लंबी दूरी तय करके यह दक्षिण और मध्य भारत के बीच ऊर्जा आपूर्ति का मजबूत नेटवर्क तैयार करेगी.
Q2. इस परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
Answer: इस एलपीजी पाइपलाइन परियोजना की कुल लागत करीब 1,585 करोड़ रुपये आंकी गई है. यह निवेश सरकार की ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सिस्टम को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है. इस बजट में पाइपलाइन निर्माण, तकनीकी ढांचा, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलू शामिल किए गए हैं.
Q3. यह पाइपलाइन किन प्रमुख क्षेत्रों और प्लांट्स को जोड़ेगी?
Answer: यह पाइपलाइन चेर्लापल्ली टर्मिनल से शुरू होकर वारंगल और चंद्रपुर जैसे प्रमुख क्षेत्रों से गुजरते हुए नागपुर तक पहुंचेगी. सबसे अहम बात यह है कि यह हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 6 बड़े एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स को एक नेटवर्क में जोड़ेगी. इससे गैस की सप्लाई अधिक संगठित और कुशल हो जाएगी.
Q4. इस परियोजना से वर्तमान लॉजिस्टिक्स सिस्टम में क्या बदलाव आएगा?
Answer: इस पाइपलाइन के शुरू होने के बाद एलपीजी सप्लाई के लिए सड़क टैंकरों पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी. इससे न केवल ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा. साथ ही ट्रैफिक दबाव घटेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा.
Q5. इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को कब तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है?
Answer: इस एलपीजी पाइपलाइन परियोजना को 2028 से 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. निर्माण कार्य 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है. विशेषज्ञों के अनुसार इसे पूरा करने में लगभग डेढ़ से दो साल का समय लगेगा और इसके चालू होने के बाद लाखों उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें
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