कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी सांसदों के वोट और उनके इरादों पर सवाल उठाए, जो नियमों के खिलाफ है। वेणुगोपाल ने अपने पत्र में लिखा कि 17 अप्रैल 2026 को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। इसके अगले दिन 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने टीवी पर देश को संबोधित किया। लेटर के मुताबिक प्रधानमंत्री ने करीब 29 मिनट के संबोधन में विपक्षी दलों पर बिल रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने सांसदों के वोटिंग पैटर्न पर सीधे सवाल उठाए और उनके फैसलों के पीछे की मंशा पर भी टिप्पणी की। वेणुगोपाल ने नियम 222 के तहत यह नोटिस दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए और प्रधानमंत्री के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाए। स्पीकर को लिखे लेटर की चार मुख्य बातें… जयराम रमेश बोले- पीएम ने कांग्रेस पर 59 बार टारगेट किया कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन आमतौर पर देश को जोड़ने और भरोसा बढ़ाने के लिए होता है। इस बार संबोधन में खुलकर राजनीतिक बात हुई। कांग्रेस पर 59 बार निशाना साधा गया। इसे प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड पर एक और दाग माना जाएगा। क्या है विशेषाधिकार हनन? संसद के सांसदों और समितियों को कुछ खास अधिकार दिए जाते हैं, ताकि वे बिना दबाव के अपना काम कर सकें। अगर कोई सांसद या कोई बाहरी व्यक्ति इन अधिकारों में दखल देता है या उन्हें नुकसान पहुंचाता है, तो इसे विशेषाधिकार हनन माना जाता है। ऐसे मामले में कोई भी सांसद सदन में इसके खिलाफ प्रस्ताव ला सकता है और कार्रवाई की मांग कर सकता है। —————
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



