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होमताजा खबरदेशसुभाष चंद्र बोस को लेकर सुप्रीम कोर्ट से की ऐसी डिमांड, भड़क गए CJI सूर्यकांत

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CJI Surya Kant News: सुप्रीम कोर्ट में दायर इस जनहित याचिका में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को आधिकारिक रूप से ‘नेशनल सन’ घोषित किया जाने की मांग की गई थी. इस पर सीजेआई सूर्यकांत की अदालत ने याचिकाकर्ता को साफ चेतावनी दे दी कि ‘ऐसी याचिकाएं दायर करेंगे तो एंट्री बंद कर देंगे.’

सुभाष चंद्र बोस को लेकर सुप्रीम कोर्ट से की ऐसी डिमांड, भड़क गए CJI सूर्यकांतZoom

सुप्रीम कोर्ट में सुभाष चंद्र बोस को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेहद सख्त टिप्पणी की.

सुप्रीम कोर्ट में सुभाष चंद्र बोस को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेहद सख्त बात कही. अदालत ने याचिकाकर्ता को साफ चेतावनी दे दी कि ‘ऐसी याचिकाएं दायर करेंगे तो एंट्री बंद कर देंगे.’ कोर्ट ने न सिर्फ याचिका खारिज की, बल्कि इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग का मामला भी बताया.

दरअसल, इस याचिका में मांग की गई थी कि नेताजी को आधिकारिक रूप से ‘नेशनल सन’ घोषित किया जाए. साथ ही 23 जनवरी को उनकी जयंती और आज़ाद हिंद फौज के स्थापना दिवस को राष्ट्रीय दिवस घोषित करने की भी मांग रखी गई थी. इसके अलावा कटक स्थित उनके जन्मस्थान को राष्ट्रीय संग्रहालय का दर्जा देने की अपील भी शामिल थी.

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने की. इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि इसी याचिकाकर्ता पिनाकपानी मोहंती ने पहले भी लगभग इसी तरह की याचिका दायर की थी, जिसे 5 जनवरी 2024 को खारिज किया जा चुका है.

कोर्ट ने दोहराए गए इस प्रयास पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ही मुद्दे को बार-बार उठाना न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और यह केवल लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश प्रतीत होती है. बेंच ने स्पष्ट किया कि इस तरह की याचिकाओं पर अदालत का समय बर्बाद नहीं किया जा सकता.

सीजेआई सूर्यकांत ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि भविष्य में इस याचिकाकर्ता की किसी भी नई जनहित याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध न किया जाए. अदालत की इस टिप्पणी से साफ संकेत मिला कि बेवजह और दोहराव वाली याचिकाओं पर अब सख्ती बरती जाएगी.

इस तरह, नेताजी के सम्मान से जुड़ी मांगों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि संवेदनशील मुद्दों को भी कानूनी प्रक्रिया के दायरे में और जिम्मेदारी के साथ ही उठाया जाना चाहिए.

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Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें

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