90 के दशक में बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का साया था. हर किसी के बीच अंडरवर्ल्ड का ऐसा खौफ था कि बॉलीवुड के फिल्ममेकर्स को फिल्म से कमाए मुनाफे का भी अच्छा-खासा हिस्सा देना पड़ता था. गुलशन कुमार, राकेश रोशन जैसे सितारे अंडरवर्ल्ड का शिकार हो चुके थे. ऐसे में हर वक्त मेकर्स पर ऐसा साया मंडराता रहता था. हाल ही में राम गोपाल वर्मा ने एक फिल्म का किस्सा शेयर किया जिसमें अंडरवर्ल्ड के पैसे लगे थे.
नई दिल्ली. क्राइम लेखक हुसैन एस जैदी के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान राम गोपाल वर्मा ने उस फिल्म के बारे में खुलासे किए हैं. इस फिल्म में सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा ने लीड रोल अदा किया था. सरोगेसी पर आधारित फिल्म में जिस फाइनेंसर ने पैसे लगाए थे उसका डॉन से कनेक्शन था.
राम गोपाल वर्मा कहते हैं कि अब्बास-मस्तान की इस फिल्म में जिसने पैसे लगाए थे उसका अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन था. वो कहते हैं कि फिल्म की शुरुआत एक दिलचस्प लेकिन असामान्य तरीके से हुई थी. एक समय पर फाइनेंसर भरत शाह के पास एक व्यक्ति आया, जिसने दावा किया कि उसके पास सलमान खान की डेट्स हैं.
वो व्यक्ति न तो फिल्मी दुनिया से जुड़ा था और न ही कोई बड़ा नाम, इसलिए शुरुआत में भरत शाह को संदेह हुआ. मगर जब भरत शाह ने खुद सलमान खान से संपर्क किया, तो उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी. इसके बाद भरोसा बन गया और प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया, जो आगे चलकर फिल्म चोरी चोरी चुपके चुपके के रूप में सामने आया.
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राम गोपाल वर्मा बताते हैं कि शुरुआत में सब कुछ सामान्य और सही दिशा में बढ़ता हुआ नजर आ रहा था, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति बदलने लगी. भरत शाह को काफी बाद में यह पता चला कि फिल्म से जुड़े प्रोड्यूसर नजीम रिजवी का अंडरवर्ल्ड से कथित संबंध हो सकता है. हालांकि, उन्होंने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया और सोचा कि उनका खुद का काम लीगल है, इसलिए दूसरों के संपर्क से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए.
भरत शाह को लगा कि उनका खुद का काम सही है और इसलिए उन्होंने अपनी फिल्म को जारी रखा. उन्हें लगा कि वो कुछ गलत नहीं कर रहे हैं. उनका बस एक क्रिमिनल से कनेक्शन है और कुछ नहीं. मामला तब पेचीदा हो गया जब एक कारोबारी को अंडरवर्ल्ड से फिरौती की धमकी मिलने लगी. उसने इस समस्या के समाधान के लिए भरत शाह से संपर्क किया, यह मानते हुए कि उनके जरिए मामला सुलझ सकता है.
डायरेक्टर के मुताबिक भरत शाह ने जब बात की तो फिरौती की रकम 5 करोड़ से कम होकर 2 करोड़ रुपये हो गई. अब जैसे ही फिल्म इंडस्ट्री में बाकी लोगों को ये खबर मिली वो भी भरत के पास अपनी मदद के लिए आने लगे थे.
लोगों की मदद करते-करते भरत शाह की अपनी मुसीबत बढ़ने लगी थी. जैसे-जैसे बात फैलने लगी, पुलिस का भी ध्यान उनकी तरफ आकर्षित होने लगा. पुलिस भरत का फोन टैप करने लगी और उन्हें नजीम रिजवी की जानकारी छिपाने के लिए जेल हो गई.
साल 2001 में भरत शाह और नजीम रिजवी दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. भरत शाह को अंडरवर्ल्ड की जानकारी छिपाने के लिए एक साल की सजा हुई. हालांकि, वह पहले ही 14 महीने जेल में काट चुके थे, इसलिए उन्हें रिहा कर दिया गया. वहीं नजीम रिजवी को 6 साल की कड़ी सजा और भारी जुर्माना भुगतना पड़ा.
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