पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच भारत सरकार ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन अवग-अलग मंत्रालयों की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से LPG हमारे लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सरकार ने बताया कि ईरान जंग के कारण देश में गैस बुकिंग की संख्या में लगभग 20 लाख की बढ़ोतरी हुई है। सरकार की तरफ से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि जंग से पहले हर रोज औसतन 55.7 लाख सिलेंडरों की बुकिंग होती थी। अभी एक दिन में लगभग 75.7 लाख गैस बुकिंग हो रही है। सरकार ने कहा कि जंग के माहौल के बीच LPG सिलेंडर की बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। यह लोगों के बीच घबराहट के कारण हो रहा है। सरकार ने कहा- LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास अभी गैस का स्टॉक पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा- LPG चिंता का विषय है क्योंकि देश का ज्यादातर LPG स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है और वह अभी बंद है। हालांकि, हमारे 25,000 LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स में से किसी पर भी गैस खत्म होने (ड्राई आउट) की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। मंत्रालय ने आगे कहा- केंद्र की तरफ से राज्यों को अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन आवंटन किया गया है। राज्यों से अपील की गई है कि वे जिलों में केरोसिन बांटने लिए जगह तय करें। वैकल्पिक ईंधन विकल्पों के लिए कोल इंडिया को छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने कहा कि LPG की पैनिक बुकिंग करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि किसी भी LPG डीलर पर गैस खत्म होने की स्थिति सामने नहीं आई है। 9 मार्च 2026 को जारी नेचुरल गैस ऑर्डर के तहत कई सेक्टर को प्राथमिकता दी गई है। उसी आदेश के अनुसार घरेलू पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की आपूर्ति बिना किसी कटौती के जारी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा- लोगों को घबराने की जरूरत नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने आगे कहा- मौजूदा स्थिति में लोगों को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। इसके अलावा बड़े शहरों और केंद्रों में व्यावसायिक उपभोक्ता जो फिलहाल LPG सप्लाई पर निर्भरता के कारण कुछ दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, भारत सरकार उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार के मुताबिक, भारत के पास कच्चे तेल के लिए 258 मिलियन मीट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। सभी रिफाइनरियां इस समय 100% या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं।
रिफाइनरियों के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और इसके अलावा सप्लाई लगातार जारी है।
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